सीआरपीएफ जवान हेमराज ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन
शहीद की धर्मपत्नी ने की पति के नाम पर विद्यालय के नामकरण की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। देश की सरहदों की रक्षा करते हुए बलिदान हुए ग्राम पंचायत नघियार निवासी सीआरपीएफ जवान आशा कुमार शर्मा को उनके शहीदी दिवस पर याद किया गया। आशा कुमार शर्मा 93वीं बटालियन में झारखंड के हजारीबाग में तैनात थे। 23 सितंबर 2001 को नक्सलियों की ओर से बिछाई गई बारूदी सुरंग फटने से उन्होंने अपने 11 साथियों के साथ देश के लिए प्राणों की आहुति दी थी। शहीदी दिवस के अवसर पर सीआरपीएफ कार्यालय पिंजौर से आए जवान हेमराज ने उनके पैतृक गांव नघियार में सलामी देकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर बलिदानी आशा कुमार की धर्मपत्नी संतोष कुमारी, पुत्र लव, भाई अनिल कुमार जो स्वयं सीआरपीएफ में कार्यरत हैं और पूरे गांव के लोग उपस्थित रहे। ग्रामीणों और जवानों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, बलिदानी आशा कुमार तेरा नाम रहेगा, बलिदानी आशा कुमार अमर रहे जैसे नारों के साथ श्रद्धांजलि दी। उनकी धर्मपत्नी संतोष कुमारी को शाॅल भेंट की गई। संतोष कुमारी ने सरकार से आग्रह किया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नघियार का नाम उनके पति के नाम पर रखा जाए।