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Bilaspur News: रक्षाबंधन पर नहीं होगा भद्रा का साया, बहनें दिनभर बांध सकेंगी रक्षा सूत्र

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9 अगस्त को है भाई-बहन के अटूट रिश्ते का पर्व
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सुबह 5:47 से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा श्रेष्ठ मुहूर्त
9:07 से 10:47 बजे तक राहुकाल में न बांधे राखी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन इस बार 9 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार भद्रा दोष का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनें दिनभर भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। ज्योतिषी शशि पाल डोगरा ने बताया कि रक्षाबंधन न केवल भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है, बल्कि नारी-सम्मान, सुरक्षा और कर्तव्यबोध को भी पुष्ट करता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति में श्रद्धा, संस्कृति और सुरक्षा का प्रतीक है। बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सफलता की कामना करती हैं, वहीं भाई बहनों की जीवन भर रक्षा का संकल्प लेते हैं। पंडित डोगरा के अनुसार श्रावण पूर्णिमा पर चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं में होता है। इस दिन राखी बांधना केवल रिश्तों को ही नहीं, आत्मा को भी बांधता है। सूर्य और चंद्रमा के शुभ प्रभाव से यह दिन ध्यान, संकल्प और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल रहेगा। उन्होंने कहा कि भाई-बहन इस दिन मिलकर शिव-पार्वती का पूजन करें तो पारिवारिक सौहार्द और भी मजबूत होता है। कहा कि आज रक्षाबंधन सिर्फ रक्त-संबंधों तक सीमित नहीं रहा। महिलाएं समाज में सेवा करने वाले पुलिसकर्मियों, सैनिकों, शिक्षकों, डॉक्टरों, पर्यावरण सेवकों और समाजसेवियों को भी राखी बांधती हैं। इससे आपसी विश्वास, कर्तव्यबोध और सेवा भावना को बल मिलता है।
इनसेट
पर्व की तिथि और मुहूर्त
रक्षाबंधन पर्व : शनिवार, 9 अगस्त 2025
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ : 8 अगस्त दोपहर 2:12 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त : 9 अगस्त दोपहर 1:24 बजे तक
राखी बांधने का श्रेष्ठ मुहूर्त : सुबह 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक
राहुकाल (राखी न बांधें) : सुबह 9:07 बजे से 10:47 बजे तक
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