फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: श्रीमद्भागवत कथा में सुनाए श्रीकृष्ण की रासलीला और रुक्मिणी विवाह का प्रसंग

विज्ञापन
कथा के दौरान रुक्मिणी विवाह की झांकीस्रोत: संवाद - फोटो : Samvad
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

नालागढ़ (सोलन)। दुर्गा माता मंदिर मित्तियां में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन व्यासपीठ पर विराजमान स्वामी हरिचेतनानंद ने श्रीकृष्ण रासलीला और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि रासलीला के माध्यम से श्रीकृष्ण ने कामदेव के अभिमान का नाश किया। इसके बाद रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि राजा भीष्मक ने अपने पुत्र रुक्म के कहने पर रुक्मिणी का विवाह चेदिराज शिशुपाल से तय कर दिया था, जबकि रुक्मिणी मन ही मन श्रीकृष्ण को अपना पति मान चुकी थीं और उन्होंने विवाह से पूर्व ही श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर उन्हें बुलाया। संदेश मिलते ही श्रीकृष्ण विदर्भ पहुंचे और विवाह के दिन रुक्मिणी का हरण कर लिया। इस पर रुक्म और श्रीकृष्ण के बीच युद्ध हुआ जिसमें श्रीकृष्ण विजयी हुए और रुक्मिणी को लेकर द्वारका पहुंचे, जहां दोनों का विवाह संपन्न हुआ। मंदिर कमेटी के प्रधान दुर्गा दास ने बताया कि कथा का समापन 26 मार्च को सुबह 10 बजे होगा। इसी दिन रामनवमी पर राम जन्मोत्सव मनाया जाएगा और दोपहर 12 बजे कथा की पूर्णाहुति के बाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें