जिला स्तरीय सायर मेले का शुभारंभ करते विधायक रणधीर शर्मा। स्रोत: आयोजक
रणधीर शर्मा ने किया सायर मेले का शुभारंभ, शिव मंदिर बटोली से मेला मैदान तक निकली शोभायात्रा
बैल पूजन के साथ शुरू हुआ पारंपरिक उत्सव
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। दावीं घाटी में आयोजित जिला स्तरीय सायर मेले का गुरुवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों और उल्लास के साथ आगाज हुआ। श्री नयना देवी जी के विधायक रणधीर शर्मा ने मेला मैदान में पारंपरिक विधि-विधान से खूंटा गाड़कर और बैल पूजन कर मेले का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने शिव मंदिर बटोली में पूजा-अर्चना की। इसके बाद ढोल-नगाड़ों की धुन के बीच मंदिर से मेला मैदान तक शोभायात्रा निकाली गई। इसमें मेला समिति के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने भाग लिया। मेले के शुभारंभ से पहले मेला समिति की ओर से शिव मंदिर बटोली के समीप विधायक रणधीर शर्मा का स्वागत किया गया। उन्होंने समिति पदाधिकारियों के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में विभिन्न विभागों और संस्थाओं की ओर से प्रदर्शनियां भी लगाई गई हैं। विधायक ने प्रदर्शनियों का अवलोकन कर अधिकारियों से विभागीय योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी ली। रणधीर शर्मा ने क्षेत्रवासियों को सायर पर्व की बधाई देते हुए कहा कि मेले हिमाचल की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और आपसी भाईचारे की पहचान हैं। ग्रामीण जीवन में मेलों का पहले विशेष महत्व था। ये मनोरंजन के साथ लोगों के आपसी मेलजोल का भी प्रमुख माध्यम रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में टीवी, मोबाइल और इंटरनेट के कारण मनोरंजन के साधन बदल गए हैं। ऐसे में पारंपरिक मेलों का संरक्षण और आयोजन और भी जरूरी हो गया है। इससे नई पीढ़ी अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहेगी। मेले लोगों को एक-दूसरे से मिलने और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने का अवसर भी देते हैं। विधायक ने कहा कि दावीं घाटी में कुछ वर्ष पहले सायर मेले की शुरुआत हुई थी और उन्हें लगातार मेले के शुभारंभ का अवसर मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि मेले के समापन समारोह में प्रदेश के कई मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी शामिल हो चुके हैं। इनके माध्यम से क्षेत्र को कई विकास योजनाएं मिली हैं। उन्होंने कहा कि जुखाला में सब्जी मंडी, जलशक्ति विभाग का सब डिविजन और सिंचाई योजना समेत कई विकास कार्यों को सायर मेले के मंच से गति मिली। ऐसे आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ विकास और पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाते हैं। मेला समिति के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने मुख्यातिथि रणधीर शर्मा को टोपी, शाल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। विभिन्न महिला मंडलों ने स्वागत गीत और बिलासपुरी लोकगीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में लोक संस्कृति के रंग भरे। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष लेख राम ठाकुर, जुखाला पंचायत प्रधान हरि राम धीमान, उपप्रधान रूपा शर्मा, पूर्व प्रधान जगदीश ठाकुर, माकड़ी-मारकंड पंचायत के उपप्रधान विनोद कश्यप, पूर्व बीडीसी सदस्य निभा ठाकुर समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।