संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। औद्योगिक क्षेत्र स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में वीरवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे और श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण कर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया। कथा व्यास आचार्य सुनील वशिष्ठ ने प्रथम दिवस के प्रवचन में मां गंगा के प्राकट्य, उनकी महिमा और श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म, भक्ति और वैराग्य का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ज्ञान है। श्रद्धा और विश्वास के साथ कथा श्रवण करने से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति और ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने गंगा अवतरण प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मां गंगा सनातन संस्कृति की जीवनधारा हैं। भारतीय संस्कृति में गंगा का विशेष स्थान है और उनका स्मरण, दर्शन एवं जल का स्पर्श भी पवित्र माना गया है।