रामपुर तबादला कराकर जल्द लौटने की बात कहकर गए थे शिक्षक उमेश
बिलासपुर (रामपुर)। खजुरिया थाना क्षेत्र के कनकपुर निवासी शिक्षक उमेश कुमार गंगवार दस दिन पूर्व अपने घर आए थे और दो दिन रुकने के बाद परिजनों से यह कह कर गए थे कि वह इलाहाबाद जाकर अपना तबादला रामपुर कराकर जल्द आएंगे। मगर जब हादसे में उनकी मौत की खबर परिजनों को मिली तो चीख-पुकार मच गई।
खजुरिया थाना क्षेत्र के कनकपुर निवासी रिटायर्ड प्रधानाध्यापक परम कीर्ति गंगवार के तीन शिक्षक पुत्रों में उमेश कुमार गंगवार दूसरे नंबर के थे। वह पलिया के फसाहिया टांडा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर तैनात थे। परिजनों के अनुसार वर्ष 2018 में नियुक्ति के बाद उमेश पलिया में शिक्षण का कार्य कर रहे थे। उमेश अपनी पत्नी विमलेश व पांच वर्षीय पुत्री आकांक्षा के साथ पलिया में ही रहते थे। वह दिवाली के बाद आखिरी बार 10 नवंबर को गांव आए थे और दो दिन रुकने के बाद वह पलिया यह कहकर चले गए कि वह इलाहाबाद जाकर अपना तबादला रामपुर जिले में कराएंगे। मंगलवार सुबह उमेश अपने साथियों के साथ इलाहाबाद से कार से लौट रहे थे और पलिया में सड़क हादसे के दौरान उनकी मौत की खबर ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया। उनके घर में ही नहीं पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजन घटना की सूचना मिलने के बाद ही तुरंत मौके पर रवाना हो गए। परिजन शिक्षक का शव लेकर लौट रहे हैं। देर रात तक शव आने की संभावना जताई जा रही है। कनकपुर गांव में मंगलवार की सुबह घटना की सूचना मिलने के बाद शिक्षक उमेश गंगवार के घर में परिजन विलाप करने लगे। वहीं, पूरे गांव में मातम छा गया। हर कोई उमेश की तारीफ कर रहा था।