मत्स्य विभाग के निदेशक एवं वार्डन ओमकांत ठाकुर
हिमाचल प्रदेश मत्स्य विभाग के निदेशक बोले, नादौन का 25 करोड़ रुपये का इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क जल्द होगा शुरू
फिश ऑन व्हील्स योजना से मछुआरे सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाएंगे ताजी मछली
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश मत्स्य विभाग के नव नियुक्त निदेशक एवं वार्डन ओमकांत ठाकुर ने पदभार ग्रहण करने के बाद स्पष्ट किया कि विभाग की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर विपणन व्यवस्था और नवाचार के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र को मजबूत बनाया जाएगा, ताकि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ मछुआरा समुदाय की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो सके। वर्ष 2020 बैच के आईएएस अधिकारी ओमकांत ठाकुर इससे पहले अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर और उपमंडलाधिकारी मंडी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि विभाग का विशेष फोकस युवाओं को मत्स्य पालन से जोड़कर स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर रहेगा। इसके तहत अमृत सरोवरों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करते हुए उनमें मत्स्य बीज डाला जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और लोगों की आय बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने मछुआरा समुदाय के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। जलाशयों से पकड़ी जाने वाली मछलियों के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय किया गया है। इसके अलावा बंद सीजन के दौरान मछुआरा परिवारों को प्रतिवर्ष 3,500 रुपये की सम्मान निधि दी जा रही है। वहीं जलाशयों से पकड़ी गई मछलियों पर रॉयल्टी की दर घटाकर केवल एक प्रतिशत कर दी गई है, जिससे मछुआरों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है। ओमकांत ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 20 हजार मीट्रिक टन वार्षिक मत्स्य उत्पादन हो रहा है, जिसे बढ़ाकर 22 हजार मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। हमीरपुर जिले के नादौन में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क को भी जल्द शुरू किया जाएगा। इससे मत्स्य पालन क्षेत्र में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और रोजगार व उद्यमिता को नई गति मिलेगी। विभाग की फिश ऑन व्हील्स योजना को भी शीघ्र प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत मछुआरे सीधे उपभोक्ताओं तक ताजी मछली पहुंचा सकेंगे। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी, उचित मूल्य मिलेगा और मछुआरों की आय में बढ़ोतरी होगी।