समोह स्कूल में राजभाषा हिंदी पखवाड़ा के तहत आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक व अन्य।
डिजिटल मीडिया, ई-कॉमर्स और शिक्षा में हिंदी के बढ़ते दायरे पर हुई परिचर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समोह में राजभाषा हिंदी पखवाड़े के तहत परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम विषय अध्यापक विवेक शील के नेतृत्व में 12वीं कक्षा के ऐच्छिक हिंदी विषय के विद्यार्थियों ने आयोजित किया। परिचर्चा में स्कूल प्रधानाचार्य श्याम लाल चौधरी, जीव विज्ञान प्रवक्ता मोनिका और ऐच्छिक हिंदी की छात्रा तनुजा ने परिचर्चक के रूप में भाग लिया। प्रशिक्षित हिंदी स्नातक विवेक शील ने संचालक की भूमिका निभाते हुए हिंदी राष्ट्रीय दिवस और हिंदी पखवाड़े के महत्व की जानकारी दी। परिचर्चा के दौरान डिजिटल मीडिया, मनोरंजन और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में हिंदी के बढ़ते बाजार तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षा और बौद्धिक विकास में हिंदी की भूमिका पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों से हिंदी में भविष्य की संभावनाओं को लेकर भी सवाल किए गए। छात्रा तनुजा ने कहा कि वह हिंदी के क्षेत्र में अध्यापक, प्रवक्ता, प्रोफेसर, लेखक, संपादक, अनुवादक, रेडियो जॉकी और पत्रकार समेत विभिन्न भूमिकाओं में अपना भविष्य देखती हैं। परिचर्चा में निष्कर्ष निकला कि हिंदी सांस्कृतिक विरासत के साथ सामाजिक ताने-बाने को भी मजबूत करती है। कार्यक्रम में बद्रीदास, अजय कुमार, सौरभ, संजय, अंशुल, श्रेया, कार्तिक, अक्षिता, मरियम, शिवानी, पलक, शिवानी ठाकुर और वंशिका सहित अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।