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प्रदेश सरकार ने 10 माह में लिया 11 हजार करोड़ का ऋण : भाजपा

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- विकास और जनहित कार्यों पर खर्च नहीं की फूटी कौड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भाजपा ने 10 माह में लिए गए हजारों करोड़ रुपये के ऋण, कानून व्यवस्था और चुनावी गारंटियों को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला किया है।
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी और प्रदेश सह मीडिया प्रभारी स्वदेश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले 10 माह में लगभग 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण ले चुकी है, लेकिन प्रदेश के विकास और जनहित के कार्यों के लिए इसमें से फूटी कौड़ी तक खर्च नहीं हुई। आरटीआई की सूचना के अनुसार 10 माह में प्रदेश सरकार 10,300 करोड़ रुपये का ऋण ले चुकी है। सरकार ने इसके अलावा लगभग 1000 करोड़ रुपये का ऋण अन्य संस्थाओं से लिया है, जबकि सरकार ने न तो कोई नया संस्थान खोला और न ही किसी पुराने संस्थान को अपग्रेड किया। स्वास्थ्य विभाग में एक भी डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती नहीं हुई। अन्य विभागों का भी यही हाल है। इस लिहाज से इस सरकार के 5 साल के कार्यकाल में न तो विकास का कोई नया काम होगा और न ही नई भर्ती। इसके बावजूद सरकार की ओर से लिया जाने वाला ऋण 60 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के केवल वही काम चल रहे हैं, जिनके लिए केंद्र से पैसा मिल रहा है। प्रदेश के स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है। विकास और जनहित के अन्य कार्यों के लिए पैसे की कमी का रोना रोने वाली इस सरकार ने नियम-कानून को ताक पर रखकर कई मुख्य संसदीय सचिव बना दिए। केबिनेट रैंक के कई अन्य पद सृजित करके उन पर चहेतों की ताजपोशी करने में कोई कंजूसी नहीं की गई, लेकिन सार्वजनिक तौर पर कंगाली का राग अलापा जाता रहा। जाहिर है कि 10 माह में लिया गया 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण सरकार द्वारा अपने ऐशोआराम और चहेतों को रेवड़ियां बांटने पर ही खर्च किया गया।
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