भगेड़ (बिलासपुर)। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी स्नेह लता और उनके पति सचिन चौधरी की ओर से बालिकाओं के लिए देशभर में संचालित पहली निजी हैंडबाल नर्सरी को भारतीय हैंडबाल फेडरेशन से मान्यता मिलने के बाद नर्सरी में पहुंचे इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष डॉ. आनंदेश्वर पांडे ने मोरसिंघी में हैंडबाल नर्सरी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए नारे खेलेगा इंडिया तो खिलेगा इंडिया को साकार रूप देने के लिए एसोसिएशन कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक न मिलने पर हम निराश तो होते हैं लेकिन उसके कारणों को जानने तथा उसके समाधान के लिए प्रयास नहीं करते। उन्होंने कहा कि खेलो में हम तभी कोई मुकाम हासिल कर सकते हैं जब खेलों के उत्थान के लिए ग्रामीण स्तर पर सार्थक प्रयास हों। उन्होंने कहा कि गांव खेलेगा तो देश खेलेगा। उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कोई अच्छा पद पा लेता है तो वह आराम का जीवन जीने को प्राथमिकता देता है। इसके विपरीत स्नेह लता व उनके पति सचिन चौधरी ने छोटी-छोटी बच्चियों को दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में न केवल हैंडबाल का प्रशिक्षण दिया बल्कि उन्हें इस खेल में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान तक दी। इसके चलते मोरसिंघी की हैंडबाल नर्सरी ने देशभर में एक अनुकरणीय पहचान बनाई है। वह एक रोल मॉडल के तौर पर उभर कर सामने आए हैं। उन्होंने स्नेह लता के पिता जगदीश ठाकुर की प्रशंसा करते हुए कहा कि 4 बीघा जमीन दान में देना भी अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि नर्सरी के संचालकों को राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाना चाहिए। इसके लिए वित्त राज्य मंत्री एवं हिमाचल ओलंपिक एसोसिएशन के प्रधान अनुराग ठाकुर को पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते इस वर्ष हैंडबाल लीग आयोजित नहीं हो सकी। यह शीघ्र ही आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर हैंडबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जगमोहन राव भी उपस्थित रहे।