घुमारवीं के बल्ह गांव में आयोजित कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का दृश्य। स्रोत: आयोजक
श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्म लीला से कराया अवगत
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं के बल्ह गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कथा वाचक पंडित गोपाल शर्मा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को श्री कृष्ण जन्म लीला का विस्तृत प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार देवकी-वसुदेव के घर श्रीकृष्ण का दिव्य अवतरण हुआ और भगवान की लीलाओं ने संपूर्ण सृष्टि को कल्याण का मार्ग दिखाया। पंडित शर्मा ने श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भक्तों को भक्ति, धर्म और कर्तव्य के महत्व से अवगत करवाया। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का इतना भावपूर्ण वर्णन किया कि श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। उन्होंने भागवत पुराण में वर्णित भगवान को नैवेद्य अर्पण करने की परंपरा और उसकी विधि के बारे में विशेष जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भगवान को लगाया जाने वाला भोग शुद्ध भाव, श्रद्धा और नियमों के साथ तैयार किया जाना चाहिए। पंडित शर्मा ने यह भी बताया कि भोग अर्पण करने के बाद वह प्रसाद बन जाता है और भक्तों की ओर से ग्रहण किया जा सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण करने के महत्व और उसकी विधि के बारे में भी विस्तार से समझाया। कथावाचक ने यह भी कहा कि प्रसाद केवल भोजन नहीं, बल्कि भगवान की कृपा का प्रतीक होता है, जिसे आदरपूर्वक ग्रहण करना चाहिए।