बिलासपुर। घाघस से बैरी तक चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग के किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए दुकानदारों और भवन मालिकों को दो दिन का समय दिया गया है। इस दौरान अतिक्रमण नहीं हटाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में लोक निर्माण विभाग ने इन स्थानों को चिह्नित कर हिदायत भी दी थी, लेकिन अब अतिक्रमण नहीं हटाने पर अब सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है।
चंडीगढ़ से मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाघस के सलापड़ से लेकर कई जगह पर अतिक्रमण किया गया है। प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से इन स्थानों को चिह्नित कर उन्हें हटाने की भी हिदायत दी थी। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद सलापड़ से बरमाणा तक लोक निर्माण विभाग ने सोमवार को अतिक्रमण को हटाया था। अब घागस से बैरी तक अतिक्रमण हटाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के बैरी उपमंडल के सहायक अभियंता की ओर से सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में अवैध कब्जाधारियों को स्वयं ही दो दिन में अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि इसके बाद भी स्थिति वैसी ही रहती है तो लोक निर्माण विभाग की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि हिमाचल उच्च न्यायालय ने राज्य के सभी नेशनल, स्टेट हाईवे और सड़कों से अवैध कब्जे हटाने के हिमाचल प्रदेश सरकार को आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि कब्जा धारकों की ओर से अपनी आजीविका के लिए सड़क किनारे बनाए अस्थायी निर्माणों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जे हटाने को कोर्ट कर्तव्य बाध्य है। अदालत ने कहा कि अवैध कब्जाधारियों को दयाभाव के आधार पर नहीं बख्शा जा सकता। उधर, कनिष्ठ अभियंता बैरी अमरनाथ ने बताया कि घाघस से बैरी तक अतिक्रमण को हटाने के लिए कब्जा धारियों को दो दिन का नोटिस दिया गया है। इस समय अवधि में यदि अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो अतिक्रमण भी हटाया जाएगा और कब्जाधारी पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।