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पशुओं को रेबीज से बचाने के लिए कराएं नियमित टीकाकरण : विजय

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- उच्च विद्यालय सुंगल में मनाया विश्व रेबीज दिवस
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। राजकीय उच्च विद्यालय सुंगल में विश्व रेबीज दिवस मनाया गया। इसकी अध्यक्षता पाठशाला के मुख्याध्यापक विवेक पुष्प गौतम ने की।
स्वास्थ्य शिक्षक विजय कुमारी ने बताया कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है जो कि रेबीज नामक विषाणु से होती है। यह विषाणु संक्रमित पशुओं की लार में रहता है। जब कोई पशु मनुष्य को काट लेता है तो यह विषाणु मनुष्य के शरीर में प्रवेश कर जाता है। इस बीमारी का एक खास लक्षण है कि जहां पर पशु काटते हैं उस जगह की मांसपेशियों में सनसनाहट की भावना पैदा हो जाती है। विषाणु के रोगों के शरीर में पहुंचने के बाद विषाणु नशों द्वारा मस्तिष्क में पहुंच जाते हैं। उसके बाद दर्द होना, थकावट महसूस करना, सिर दर्द होना, बुखार आना, मांसपेशियों में जकड़न होना, चिड़चिड़ा होना, उग्र स्वभाव होना, व्याकुल होना, अजीबोगरीब विचार आना, कमजोरी होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यदि किसी व्यक्ति को पशु द्वारा काट लिया जाए तो घाव को साबुन से अच्छे से झाग निकालकर धोना चाहिए, नल के नीचे लगातार बहते हुए पानी में कम से कम 15 मिनट तक धोना चाहिए और चिकित्सक के परामर्श से तुरंत रेबीज का टीका लगवाना चाहिए था। पालतू पशुओं को रेबीज से बचाने के लिए जिम्मेदार पशुपालक को अपने कुत्ते, बिल्लियों का टीकाकरण सही समय पर कराते रहना चाहिए। यदि आपके पशु को किसी जंगली पशु द्वारा काट लिया गया है तो जल्द से जल्द पशु चिकित्सक से संपर्क कर उचित सलाह लेनी चाहिए। जंगली पशुओं को देखने का नजारा दूर से ही लें। उन्हें खिलाएं नहीं, उनके शरीर पर हाथ न लगाएं और उनके मल-मूत्र से दूर रहें। जंगली पशुओं को कभी भी घर में नहीं रखना चाहिए। स्वास्थ्य शिक्षक मस्तराम ने तंबाकू फ्री यूथ 2.0 शिविर के तहत बच्चों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वह नशे से दूर रहें। उन्होंने बच्चों को तंबाकू निषेध पर शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर सीएचओ सोनिका, स्वास्थ्य कार्यकर्ता मोनिका, आशा वर्कर अंजना, अध्यापक विद्यार्थी सहित अन्य उपस्थित रहे।
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