शिमला से आई टीम ने चौपाल और नेरवा के विभिन्न क्षेत्रों में की रैकी
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। उपमंडल चौपाल में दुर्गम क्षेत्रों में अवैध रूप से की जा रही भांग और अफीम की खेती पर पुलिस ड्रोन से नजर रख रही है। नशे की खेती का खुलासा होने के बाद पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। पुलिस के सूत्रों के मुताबिक बार-बार गुप्त सूचनाएं मिल रही हैं कि उपमंडल के दुर्गम क्षेत्रों और उत्तराखंड की सीमा के साथ सटे क्षेत्र में लोग बड़े पैमाने पर अफीम और भांग की खेती कर रहे हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने विशेष अभियान के अंतर्गत उपमंडल के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में ड्रोन से रेकी शुरू कर दी है। अभियान के अंतर्गत शिमला से आये एक विशेष दल ने चौपाल के साथ-साथ नेरवा तहसील के थरोच, शिल्ला, मधाना और मुंडली आदि क्षेत्र में ड्रोन से सर्च अभियान चलाया। इसमें दुर्गम पहाड़ों और जंगलों में अवैध रूप से उगाई जा रही नशे की खेप का पता लगाने की कोशिश की गई है। एसडीपीओ चौपाल सुशांत शर्मा ने बताया कि पूर्व में उपमंडल चौपाल में अफीम और भांग की अवैध खेती के मामले सामने आ चुके हैं। इस कारोबार को रोकने के लिए पुलिस की ओर से विशेष अभियान ड्रोन से शुरू किया गया है। अभियान के तहत पुलिस टीम और ड्रोन के माध्यम से इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहां पर इन गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम तो दिया जा रहा है । उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन और पुलिस टीम की ओर से नशे की रोकथाम को लेकर सर्च अभियान चलाए जा रहे हैं। अगर किसी भी व्यक्ति की नशे के किसी कारोबार और इसकी खेती में संलिप्तता पाई जाती है, तो उस व्यक्ति के खिलाफ एनडी एंड पीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी । उन्होंने कहा कि पहले से पुलिस के सामने इस प्रकार के कई मामले सामने आ चुके हैं।