डियारा सेक्टर में आयोजित रामलीला में रावण वध का दृश्य। संवाद
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। शहर के डियारा सेक्टर में चल रही रामलीला के दसवें दिन रावण ने मरते हुए नीति पर उपदेश देते हुए कहा कि कभी भी बुरे कार्य में शीघ्रता और भले कार्य में विलंब नहीं करना चाहिए। सौभाग्य की बात है कि मेरा उद्धार भगवान राम के हाथों हो रहा है। रणभूमि में रावण की व्याकुलता उसके सभी योद्धाओं पर भारी पड़ी। दूसरे दृश्य में सीता की अग्नि परीक्षा दिखाई गई। इसमें अग्निदेव माता सीता को प्रभु श्रीराम को सौंपते हैं। इसी दौरान प्रभु श्रीराम लंकापति विभीषण और किष्किंधा नरेश सुग्रीव का निस्वार्थ भाव से सहायता देने के लिए धन्यवाद करते हैं। सभी लोग भगवान से आग्रह करते हैं कि वे भी अयोध्या जाना चाहते हैं। ताकि प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक के साक्षी बन सके। प्रभु श्रीराम प्रसन्नता व्यक्त कर उन्हें अयोध्या आने का निमंत्रण देते हैं और अपने साथ ले चलते हैं। अंतिम दृश्य में भरत और प्रभु श्रीराम का नंदीग्राम में मिलन होता है। बड़े भाई राम को देखने के लिए भरत और शत्रुघ्न व्याकुल हो रहे थे। राम का किरदार नवीन सोनी, सीता का किरदार अमित कुमार, विभीषण का किरदार रजत कुमार, रावण का किरदार बृजेश कौशल और सुग्रीव का किरदार गिरीश शर्मा ने निभाया।