ऊना। जिले में शुक्रवार को दिनभर हुई बारिश से आगामी दिनों में गेहूं की फसल बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। मैदान क्षेत्रों में बीते दिनों मौसम खराब रहने और तेज हवाएं चलने से पहले ही गेहूं की फसल खेतों में बिछ चुकी है। इस बीच अब दोबारा हुई बारिश रही-सही उम्मीदों पर भी पानी फेरने का काम कर रही है।
जानकारी के अनुसार जिला ऊना में पिछले सप्ताह करीब 252 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल तेज हवाओं के कारण खेतों में बिछ गई है। सिंचित क्षेत्रों में किसानों के लिए यह बड़ा नुकसान माना जा रहा था। क्योंकि जमीन पर गिरी फसल में ज्यादा नमी रहने से दाने के काला पड़ने की पूरी संभावना रहती है।
हालांकि किसानों को आस थी कि फसल धूप पड़ने के बाद दोबारा खड़ी होने लगेगी। मगर सोमवार को दिनभर बारिश होने से गेहूं की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। गिरी हुई फसल का दाना गीला हो चुका है। उचित मात्रा में धूप व हवा न लगने पर फसल का खराब होना तय है। ध्यान रहे कि जिला के गैर सिंचित क्षेत्र में समय पर पानी न मिलने से गेहूं की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। वहीं सिंचित क्षेत्रों में किसानों के कड़ी मेहनत के साथ फसल को तैयार किया। लेकिन अब मौसम सिंचित क्षेत्रों में पड़ रही है और गेहूं के बड़े खेतों में फसल पूरी तरह बिछ गई है।
किसान विनोद कुमार, जितेंद्र सिंह, राजेश कुमार, रविंद्र कुमार ने बताया कि गेहूं की फसल को शुरुआती दो महीनों में बारिश नसीब नहीं हुई। जब कड़ी मेहनत से फसल को तैयार किया तो अब बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही। कहा कि अकेली बारिश से फसलों को नुकसान नहीं होता, लेकिन हवाओं से फसल गिर गई है। ऐसे में अब बारिश का पानी जमीन पर गिरी फसल को और खराब कर देगा।
हवाओं के गिरी गेहूं की फसल के दोबारा पुरानी स्थिति में आने की संभावना रहती है। लेकिन गिरी हुई फसल पर अगर एक से दो दिन लगातार बारिश पड़ जाए तो नुकसान का खतरा रहता है। मौसम साफ होने पर फसल को हुए नुकसान का जायजा लिया जाएगा।
-डॉ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग।