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किसान आयोग गठन, बाढ़ और सूखे से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने दिया धरना

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भोट। कोयला टोल प्लाजा पर रविवार को किसानाें ने धरना दिया। उन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और मांगों पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। साढ़े पांच घंटे तक धरने पर बैठे किसानों में नाराजगी देखी गई। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने किसान आयोग का गठन करने, थूनापुर चौराहे पर कट बनाने, फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की। किसानों की नाराजगी को देखते हुए तहसीलदार सदर भी वहां पहुंच गए। उन्होंने किसानों की सभी समस्याओं का निराकरण कराने का आश्वास दिया। इसके बाद किसानों ने पंद्रह सूत्री ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा और धरना समाप्त किया।
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रविवार को भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में किसान कोयला टोल प्लाजा पर पहुंच गए। उन्होंने टोल वसूली के लिए बनाई गई 10 लेन में से चार लेन को बंद करा दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। किसानों को संबोधित करते हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने कहा कि हाईवे का निर्माण पूरा किए बिना टोल वसूली अवैध है। टोल संग्रह करने वाली कंपनी के कर्मचारियों द्वारा किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। किसानों की ट्रैक्टर ट्रालियों से भी जबरन वसूली की जा रही है। रोड के किनारे किसानों के खेतों की मेड़ से सटाकर पौधरोपण किया जा रहा है। पौधों के बड़े होने पर किसानों की फसल प्रभावित होगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन अधिग्रहण का मामूली मुआवजा दिया गया है, जबकि किसानों को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए।
भाकियू के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने कहा कि खाद, बीज व कीटनाशक के नाम पर उद्योगों को दी जा रही सब्सिडी सीधे किसानों की दी जानी चाहिए। बिजली पर किसानों की निर्भरता कम करने के लिए सोलर रूफ टाप सब्सिडी भी सीधे किसानों को दी जानी चाहिए। देश के सात राज्यों में किसानों को बिजली मुफ्त दी जा रही है। लिहाजा, उत्तर प्रदेश के किसानों को भी बिजली मुफ्त दी जानी चाहिए। देश में अलग से किसान आयोग का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए कहा कि अग्निपथ योजना से मात्र चार साल बाद चयनित 75 फीसदी युवा बेरोजगार हो जाएंगे। इस दौरान किसानों ने एनएचएआई अधिकारियों पर सौतेला व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एनएचएआई द्वारा हाईवे चौड़ीकरण के दौरान थूनापुर चौराहे पर कट नहीं बनाया गया है। थूनापुर चौराहे पर प्रतिदिन दर्जनों गांवों के ग्रामीण रोड पार करते हैं, जिससे हादसों का डर बना रहता है। पूर्व में भी कई बार हाईवे के अधिकारियों से बात की गई थी, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया।
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इस दौरान किसान नेताओं ने एसडीओ विद्युत बिलासपुर पर भी किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। इसके बाद करीब साढ़े तीन बजे तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार राजस्व अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। भाकियू पदाधिकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित 15 सूत्री ज्ञापन उन्हें सौंपा। तहसीलदार सदर को ज्ञापन सौंपने के बाद भाकियू कार्यकर्ता थूनापुर चौराहे पर कट बनवाए जाने तथा हाईवे के किनारे खेत की मेड़ से 15 फीट दूरी पर पौधरोपण किए जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे रहे। करीब एक घंटे बाद सीओ केमरी ओमकार नाथ शर्मा की मौजूदगी में कार्यदायी संस्था के अधिकारियों द्वारा थूनापुर चौराहे पर कट खोले जाने का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। भाकियू के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने बताया कि सोमवार को किसानों की समस्याओं के संबंध में जिलाधिकारी और एनएचएआई के अधिकारियों की मौजूदगी में बात होगी। इस आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया है। किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो भाकियू फिर बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।
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