फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पैसे देकर बूस्टर डोज लगवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बिलासपुर। निजी अस्पतालों में शुल्क देकर कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवाने में लोग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। जिले में बूस्टर डोज के आंकड़े इस ओर साफ इशारा कर रहे हैं। अभी तक 173 लोगों ने ही शुल्क देकर निजी अस्पतालों में कोरोना की बूस्टर डोज लगवाई है।
साफ है कि लोगों को बूस्टर डोज के लिए भी पहली और दूसरी डोज की तर्ज पर निशुल्क सुविधा का इंतजार है। बता दें कि 18 वर्ष से 59 आयु वर्ग के लोगों में मुफ्त में लगाई गई वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज को लेकर खासा उत्साह रहा।
विज्ञापन

अब स्थिति इसके उलट है। 384 रुपये खर्च कर बूस्टर डोज लगवाने में लोग बेरुखी दिखा रहे हैं। जबकि, बुजुर्गों, फ्रंटलाइन और हेल्थ केयर वर्कर्स को मुफ्त में बूस्टर डोज लग रही है तो वह टीका लगवाने के लिए आगे आ रहे हैं।
जिले में महज 35,927 लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है और इनमें भी बड़ा आंकड़ा 60 साल से अधिक उम्र के लाभार्थियों का है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के 27,025 लाभार्थी अब तक तीसरी डोज लगवा चुके हैं। इसके अलावा 2,213 हेल्थ केयर वर्कर और 6,516 फ्रंटलाइन वर्कर ने बूस्टर डोज लगवाई है। 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग के मात्र 173 लोग ही अभी तक निजी अस्पतालों में बूस्टर डोज लगवाने पहुंचे हैं।
नहीं लग रही मुफ्त में बूस्टर डोज
जिले में 18 से 59 आयू वर्ग के 2,46,440 लोग मुफ्त में कोरोना की दोनो डोज लगवा चुके है, लेकिन बूस्टर डोज लगवाने के लिए इन्हें 384 रुपये खर्च करने होंगे। इस आयु वर्ग को बूस्टर डोज लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो निजी अस्पतालों को अधिकृत किया है।
विज्ञापन

जिले में जिन लाभार्थियों को दूसरी डोज लगे छह महीने हो चुके हैं। वह बूस्टर डोज लगवा सकते हैं। सरकार की ओर से 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही बूस्टर डोज मुफ्त में लगाई जा रही है। 18 से 59 आयु वर्ग के लोग निजी अस्पताल में जाकर बूस्टर डोज लगवा सकते हैं।
डॉ. गौरव
वैक्सीनेशन इंचार्ज, बिलासपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें