-पशुओं के आतंक से परेशान लोग, प्रशासन से उठाई कार्रवाई की मांग
-एसडीएम बोले, शीघ्र ही ऐसे लोगों पर होगी उचित कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता में लावारिस पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही रही है। लोग टैग लगे पशुओं को सड़कों पर लगातार छोड़ रहे हैं। पशु विभाग की ओर यह टैग लगाए जाते हैं। बावजूद इसके इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। लोग लावारिस पशुओं से परेशानी झेल रहे हैं।
क्षेत्र के झंडूता, अनंदघाट, बरठीं, शाहतलाई, सुनहानी, कलोल, गेहड़वीं, समोह, भड़ोलीकलां, सेर, बरोहा, नखलेहड़ा, डाहड़, ज्योरीपतन, सहित अन्य जगहों पर लावारिस पशु किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। लोगों का सड़क और रास्तों पर पैदल चलना मुश्किल हो गया है। कई बार यह पशु लोगों पर जानलेवा हमला कर उन्हें घायल कर देते हैं। कई लोग पशुओं के हमले से मौत का ग्रास बन चुके हैं। लोग पालतू पशुओं को खुला छोडने से परहेज नहीं कर रहे हैं। पशु पालन विभाग की ओर से लोगों के पालतू पशुओं का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाता है। पशुओं के कान में टैग लगाकर पशु मालिक का आधार नंबर तक रिकॉर्ड किया गया है, लेकिन लोग उन्हें रात के अंधेरे में बिना किसी डर से सड़कों पर लावारिस छोड़ देते हैं। प्रशासन और पशु पालन विभाग ऐसे लोगों को सबक सिखाए तो दोबारा लोग अपने पालतू पशुओं को कभी लावारिस नहीं छोड़ सकते हैं। कई बार तो लावारिस पशु लोगों के घरों में बंधे हुए पशुओं पर भी हमला कर देते हैं। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और पशु पालन विभाग से टैग लगे पशुओं को सड़कों पर लावारिस छोडने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
उधर, झंडूता योग राज धीमान ने बताया कि अभी हाल ही में झंडूता का कार्यभार संभाला है। बहुत शीघ्र ही पंचायत प्रतिनिधियों, पशु पालन विभाग और समाजसेवी लोगों की सयुंक्त बैठक कर लावारिस पशुओं के प्रबंधन के लिए उचित कदम उठाने का प्रयास किया जाएगा। जो लोग अपने पालतु पशुओं को लावारिस सड़काे पर छोड़ रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।