चिड़गांव में कचरे के ढेर में मुंह मारते पशु। संवाद
नदी किनारे कचरा फेंकने से फैल रही गंदगी, दुर्गंध से लोग परेशान
. चिड़गांव में स्थायी कूड़ा निस्तारण केंद्र स्थापित करने की मांग
. खुले में कचरा फेंकने पर रोक लगाने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
चिड़गांव (रोहड़ू)।
चिड़गांव में कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं होने से स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शहर के आसपास और नदी के किनारे खुले में कूड़ा-कचरा फेंके जाने से गंदगी फैल रही है। कचरे से उठने वाली दुर्गंध और खुले छोड़े पशुओं से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में स्थायी कूड़ा निस्तारण केंद्र स्थापित करने और खुले में कचरा फेंकने पर रोक लगाने की मांग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में कूड़ा एकत्रित करने और उसके निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग खुले स्थानों और नदी के किनारे कचरा फेंकने को मजबूर हैं। इससे आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। नदी किनारे जमा कचरा पर्यावरण के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि कचरे के ढेर पर आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे समस्या और बढ़ रही है। समय पर सफाई और कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने से क्षेत्र की स्वच्छता पर भी असर पड़ रहा है। स्थानीय निवासी अनिल, बेथूआन और शामलाल ने प्रशासन व संबंधित विभाग से समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चिड़गांव में स्थायी कूड़ा निस्तारण केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि कचरे का नियमित संग्रहण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित हो सके। साथ ही नदी किनारे और अन्य खुले स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर रोक लगाने के साथ नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए।