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Bilaspur News: निगम की कर्मशालाओं का निजीकरण करने की नीतियों का का किया विरोध

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सोलन में परिवहन निगम तकनीकी कर्मचारी संघ की बैठक के दौरान निजीकरण का विरोध करते कर्मचारी। स्रोत
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हिमाचल परिवहन तकनीकी कर्मचारी संगठन का स्थापना दिवस समारोह में बोले राज्य प्रधान
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल परिवहन तकनीकी कर्मचारी संगठन का स्थापना दिवस समारोह परिवहन निगम कार्यशाला सोलन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तकनीकी संगठन के पूर्व प्रधान व सेवानिवृत्त कर्मचारी सुरेश ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर परिवहन तकनीकी कर्मचारी संगठन की बैठक भी आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष पूर्ण शर्मा और राज्य प्रधान खेम चंद ने की। संगठन के राज्य प्रधान ने निगम में कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों की वर्तमान समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कर्मशालाओं की दुर्दशा, स्टाफ की कमी व टेक्निकल स्केल का लाभ तकनीकी कर्मचारियों को न देना, पीसमील कर्मचारियों को आश्वासन के बावजूद अनुबंध के आदेश जारी न करना, कर्मशालाओं में स्वास्थ्य तथा सुरक्षा के प्रावधानों का नदारद होना, आधुनिक टूल व मशीनरी का न होना आदि समस्याओं पर सभी कर्मचारियों को अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि निगम प्रबंधन तकनीकी कर्मचारियों की उक्त समस्याओं बारे लंबे समय से उदासीन है जिस कारण आज तकनीकी कर्मचारी सरकारी शोषण का शिकार हो रहे हैं। निगम के तकनीकी कर्मचारियों की उपरोक्त समस्याओं के तुरंत समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। निगम की कर्मशालाओं का निजीकरण करने की नीतियों का कड़ा विरोध किया।संगठन के महासचिव एचके शर्मा ने कहा कि निगम में 1996 के बाद तकनीकी कर्मचारियों की 2012 में छुटपुट भर्ती हुई, जबकि इससे कहीं अधिक संख्या में स्टाफ सेवानिवृत्त हो चुका है तथा बस बेड़े में बढ़ोतरी हुई है। 1996 में जहां निगम में केवल 1700 बसों का बेड़ा था तब तकनीकी स्टाफ की संख्या 2200 थी आज यह बढ़कर 3200 हो चुका है और तकनीकी कर्मचारियों की संख्या केवल 1100 रह गई है। कर्मशालाओं की जर्जर स्थिति बयान करती है कि उसमें काम करने वाले तकनीशियनों को धूल, धूप, मिट्टी, कीचड़, वर्षा, सर्दी, गर्मी आदि से बचाने की कोई व्यवस्था नहीं है। कर्मशालाओं में हवा, पानी, मिट्टी तथा शोर का प्रदूषण अत्यधिक बढ़ गया है, जिसके नियंत्रण हेतु कोई भी विभागीय कदम नहीं उठाए जा रहे।
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