भगेड़(बिलासपुर)। घुमारवीं चुनाव क्षेत्र के भगेड़ में प्रदेश सरकार द्वारा जल शक्ति विभाग व लोक निर्माण विभाग के सेक्शन आफिस डिनोटिफाई करने के फैसले का ग्राम पंचायत बकरोआ, अवारी खलीन, फटोह, पनोह,अमरपुर, पनोल व औहर पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीणों ने विरोध किया।
बकरोआ पंचायत की प्रधान कमलेश, अवारी ख़लीन की प्रधान रेणु भारद्वाज, उपप्रधान सुरेश चंदेल, पूर्व उपप्रधान पवन कुमार व चैन सिंह, बीडीसी सुधा देवी, राकेश, इंद्री देवी, कमला संधू, फटोह पंचायत की प्रधान पदमावती, उपप्रधान कृष्ण कुमार, पनोह पंचायत की प्रधान प्रोमिला, उपप्रधान बेसरिया राम, अमरपुर पंचायत के उपप्रधान केहर सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बताया कि भगेड़ में लोक निर्माण विभाग व जल शक्ति विभाग का सेक्शन बंद करना प्रदेश सरकार की घटिया मानसिकता को दर्शाता है। यह घटिया मानसिकता कतई सहन नहीं होगी।
इन ग्रामीणों ने कहा कि इन कार्यालयों में काम सुचारू रूप से शुरू कर दिया था तथा इनसे लगभग सात पंचायतों बकरोआ, अमरपुर, पनोल, अवारी ख़लीन, फटोह, औहर व पनोह पंचायतों के हजारों लोगों को सुविधा मिलनी थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने यह सुविधा छीन ली है।
लोगों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग के प्रयासों से भगेड़ में लोक निर्माण विभाग व जल शक्ति विभाग का सेक्शन ऑफिस लोगों की सुविधा के लिए खोले थे, लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार ने इन कार्यालयों को बंद कर घटिया मानसिकता का परिचय दिया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस निर्णय पर पुर्नविचार करने की मांग की है। लोगों ने चेताया कि यदि ये ऑफिस दोबारा न खुले तो लोगों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।