बिलासपुर। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में श्रावण अष्टमी मेलों का विधिवत शुभारंभ हो गया। शुक्रवार को पहले ही दिन मां के दरबार में 15,000 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। माता के दर्शनों के लिए वीरवार से ही श्रद्धालुओं की गहमागहमी बन चुकी थी। श्रावण अष्टमी के मेले छह अगस्त तक चलेंगे।
शुक्रवार तड़के चार बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। इसी के साथ मां के दर्शनों का सिलसिला लगातार आगे बढ़ता चला गया। आरती के लिए पूर्वाह्न 12:00 से 12:30 बजे तक दर्शनों का सिलसिला कुछ देर के लिए थमा। आरती के बाद राजसी भोग मां को अर्पण किया गया। मंदिर के अंदर कड़ाह प्रसाद और नारियल ले जाने पर पाबंदी रही। आपदा प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा ने भी श्री नयना देवी जी के चरणों में अपनी हाजिरी दी। मां के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं की गिनती इस बार मुख्य गेट पर लगाया गया आधुनिक कैमरा कर रहा है।
सुरक्षा कर्मियों ने सेक्टर छह से श्रद्धालुओं के 200-200 के जत्थे बनाकर उन्हें मां के दरबार में भेजा। करीब 800 सुरक्षा कर्मचारी श्री नयना देवी जी मंदिर क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे। शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन की सहायता ली गई। सशस्त्र पुलिस के जवान भी तैनात रहे। प्राकृतिक आपदा या कोई अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए हर सेक्टर में 3-3 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
इस बीच, पुलिस अधीक्षक साजू राम राणा ने भी मंदिर क्षेत्र का दौरा कर श्रावण अष्टमी मेलों के प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मेलों के दौरान सुरक्षा कर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगे। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि अफवाहों में न आए।
उधर,
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घवांडल चौक पर रोके वाहन
घवांडल चौक पर गाड़ियों को रोका जा रहा है। इससे आगे श्रद्धालुओं को पैदल ही जाने दिया जा रहा है। हालांकि, इस व्यवस्था से स्थानीय लोगों, पोस्ट ऑफिस, बैंकों और अन्य विभागों के कर्मचारियों को कार्यालय तक पहुंचने में परेशानी भी हुई।
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मास्क को लेकर श्रद्धालु दिखे लापरवाह
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मां नयनादेवी के दरबार पहुंचे श्रद्धालु लापरवाह दिखे। गिने-चुने श्रद्धालु ही मास्क लगाए हुए थे। सरकार की अपील का श्रद्धालुओं पर कोई असर होता नहीं दिखाई दिया। सुरक्षा कर्मियों ने स्वयं तो मास्क लगा कर रखे थे, लेकिन श्रद्धालुओं को मास्क लगाने के लिए उन्होंने सख्ती नहीं की।
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कोट्स
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर ट्रस्ट ने 100 कर्मचारियों को नियुक्त किया है। कर्मियों को श्रद्धालुओं की श्रद्धा भावना का ध्यान रख उन्हें सुविधाएं प्रदान कराने की हिदायत दी गई है। पहली बार पांच एलईडी के माध्यम से श्रद्धालुओं तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाई जा रही है।
राजकुमार
मंदिर अधिकारी एवं एसडीएम