अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत ने तीन महीने की सजा, 3.20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश रखा बरकरार
अदालत ने कहा, आरोपी अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत नहीं कर सका पेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत ने चेक बाउंस के एक पुराने मामले में आरोपी की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने निचली अदालत के उस फैसले को सही माना, जिसमें आरोपी को तीन महीने की साधारण कैद और शिकायतकर्ता को 3.20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया था। अदालत ने आरोपी को निचली अदालत में सरेंडर कर सजा भुगतने के निर्देश भी दिए हैं। मामले के अनुसार, दधोल में हार्डवेयर की दुकान चलाने वाली महिला कारोबारी ने शिकायत की थी कि मंडी जिले के एक कारोबारी ने दिसंबर 2014 में उसकी दुकान से करीब 2.39 लाख रुपये का हार्डवेयर सामान खरीदा था। कई बार भुगतान मांगने पर आरोपी ने 11 अगस्त 2015 को 2.39 लाख रुपये का चेक दिया। जब चेक बैंक में लगाया गया तो खाते में पर्याप्त पैसा नहीं होने के कारण वह बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन तय समय के भीतर भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद अदालत में चेक बाउंस का मामला दायर किया गया। सुनवाई के बाद घुमारवीं की एसीजेएम अदालत ने सितंबर 2022 में आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन महीने की साधारण कैद और 3.20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। इसी फैसले के खिलाफ आरोपी ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपील दायर की थी। अपील में आरोपी ने कहा कि उसने न तो सामान खरीदा और न ही चेक दिया, लेकिन अदालत ने कहा कि वह अपने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं कर सका। अदालत ने पाया कि संबंधित बैंक खाता और चेक आरोपी के ही थे। आरोपी यह भी नहीं बता सका कि यदि उसने चेक नहीं दिया था तो वह शिकायतकर्ता के पास कैसे पहुंचा। उसने चेक खोने की कोई रिपोर्ट भी दर्ज नहीं कराई और न ही अपने पक्ष में कोई गवाह पेश किया। इसी आधार पर अदालत ने निचली अदालत का फैसला बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी।