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Bilaspur News: भाषण प्रतियोगिता में मृदुल ने हासिल किया पहला स्थान

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-डीएवी स्कूल घुमारवीं में मनाया विश्व थैलेसीमिया दिवस
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। डीएवी पब्लिक स्कूल घुमारवीं में विश्व थैलेसीमिया दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह राणा के निर्देशानुसार किया गया।
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इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में मृदुल ने पहला, अदिति ने दूसरा और कृतिका ने तीसरा स्थान हासिल किया। स्वास्थ्य शिक्षक लीला शर्मा ने विद्यार्थियों को थैलेसीमिया के इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थैलेसीमिया का पहला मामला 1938 में सामने आया था। 1994 में पहली बार थैलेसीमिया इंटरनेशनल फेडरेशन ने 8 मई को विश्व थैलेसीमिया दिवस मनाया था। तभी से हर साल लोगों को जागरूक करने लिए यह दिवस मनाया जाता है। यह एक आनुवांशिक विकार है, जिसके कारण रोगी के लाल रक्त कण में पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता है। रोगियों को जीवित रहने के लिए हर दो से तीन सप्ताह बाद रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। अब हर साल भारत में 10,000 से 15,000 बच्चे थैलेसीमिया के साथ जन्म ले रहे हैं। इससे बचने के लिए गर्भावस्था की पहली तिमाही में थैलेसीमिया की जांच करवानी चाहिए, ताकि बीमारी को बढ़ने से रोका जा सके। थैलेसीमिया के लक्षण एनीमिया, कमजोर हड्डियां, देर से शारीरिक विकास, भूख कम लगना, पीली त्वचा पड़ना, बढ़ा हुआ लीवर है। अगर किसी व्यक्ति को यह लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत इसकी जांच करवाएं। इस अवसर पर सुभाष चंद, अध्यापक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता चंद्रलेखा और 150 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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