यूजीसी बिल के समर्थन में संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। यूजीसी कानून का संयुक्त संघर्ष मोर्चा बिलासपुर ने समर्थन किया है। शुक्रवार को मोर्चा के जिला प्रधान सीताराम कौंडल के नेतृत्व में एडीसी ओमकांत ठाकुर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया। मोर्चा के महामंत्री आचार्य नंद लाल ने कहा कि यह लड़ाई महज चंद महीनों या दिनों की न होकर सदियों से चली आ रही छोटी मानसिकता की है जिसमें आदमी-आदमी के साथ भेदभाव करता आया है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों के हर स्तर पर यह भेदभाव होना कोई नई बात नहीं है। समाज में ऐसे असंख्य उदाहरण है जहां पर शिक्षार्थियों के साथ जाति, लिंग, नस्ल, दिव्यांगजन और धर्म के नाम पर भेदभाव होता है। ऐसे में यूजीसी जैसे कानूनों की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यूजीसी कानून के विनियम 2026 समर्थन में संत रविदास महासभा, कबीर पंथी समाज, विश्व कर्मी समाज के प्रतिनिधियों ने इस कानून का समर्थन किया है। वहीं मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार कर्म सिंह ने कहा कि इससे धर्म, जाति, लिंग, दिव्यांगजनों के विरुद्ध भेदभाव समाप्त होगा। उच्च शिक्षा में समता का अधिकार बिना किसी भय से मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक से वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में सुकोमल मानसिकता के बच्चों के साथ जातीय आधार पर उनके साथ भेदभाव किया जाता है।
इस मौके पर कर्म सिंह, विपन बंसल, भगत सिंह, देवराज, वीरी सिंह, रमेश सिंह, सुखदेव रतन, रतन लाल शास्त्री, सुखराम सहगल और सरवण कुमार मौजूद रहे।