बिलासपुर। मुक्तसर की जंग में शहीद हुए वीरों की याद में शनिवार को स्थानीय गुरुद्वारा परिसर में माघी समागम मनाया गया। समागम में विभिन्न जत्थों ने शबद-कीर्तन कर संगत को निहाल किया। कथावाचकों ने मुक्तसर की जंग पर प्रकाश डाला। गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया।
नगर के माटखेड़ा रोड स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में आयोजित माघी समागम में ज्ञानी सज्जन सिंह के हजूरी रागी जत्थे, भाई दलबीर सिंह गिल के कविशरी जत्थे, भाई बलवीर सिंह पारस पंजाब के ढाढी जत्थे ने शबद कीर्तन कर संगत को घंटों निहाल किया। इस बीच हजूरी कथावाचक ज्ञानी देवेंद्र सिंह तथा पंजाब के ढोकिया से आए कथावाचक ज्ञानी सर्वजीत सिंह ने कथा के माध्यम से मुक्तसर की जंग पर प्रकाश डाला और शहीदों का इतिहास सुनाया। राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख समेत तमाम राजनीतिक व व्यवसायिक लोगों ने भी आस्था के साथ शीश नवाकर श्री गुरु साहिब का आशीर्वाद लिया। प्रबंध कमेटी ने राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, लंगर, जोड़ों आदि की सेवा करने वाले सेवादारों को सिरोपे भेंट कर सम्मानित किया। गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया। संचालन प्रधान तीरथ सिंह ने किया। व्यवस्था में कमेटी के प्रधान तीरथ सिंह, हरजिंदर सिंह, जगजीत सिंह, डॉक्टर कुलविंदर सिंह, तारा सिंह चंदी, बलवीर सिंह चौहान, अर्जुन सिंह गिल, अमरीक सिंह चौहान, डिंपी, राजपाल सिंह, परमजीत कौर पोला, खुशपाल कौर, गुरमीत सिंह, मनमोहन सिंह, दलबीर सिंह, स्वरुप सिंह, भगत सिंह, गुरनाम सिंह, सत्येंद्र पाल सिंह, हरजीत सिंह, हरमेश सिंह, बलवीर सिंह, मेजर सिंह, अमरजीत सिंह, कुलदीप सिंह, मान सिंह, बलजीत सिंह, गुरमीत सिंह, सुखदेव सिंह, ओमकार सिंह, जसवीर सिंह आदि मुख्य थे।