बाबा विश्वकर्मा मंदिर में चल रही कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: जागरूक पाठक
राम कथा में आचार्य नीरज शर्मा ने सुनाया प्रसंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बाबा विश्वकर्मा मंदिर में गणेश उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित राम कथा में वीरवार को आचार्य नीरज शर्मा ने भगवान राम के अवतार से जुड़े प्रसंग सुनाए। उन्होंने देवर्षि नारद के अहंकार और भगवान विष्णु की लीला का वर्णन किया। आचार्य ने बताया कि कामदेव पर विजय के बाद नारद को अहंकार हो गया था। भगवान विष्णु ने उनका अहंकार दूर करने के लिए अपनी माया से राजा शिलानिधि की पुत्री विश्वमोहिनी का स्वयंवर रचाया। नारद ने सुंदर रूप देने का आग्रह किया, लेकिन भगवान की लीला से उन्हें वानर का रूप मिल गया। स्वयंवर में उपहास होने के बाद नारद को अपने रूप का पता चला और उन्होंने क्रोधित होकर भगवान विष्णु को श्राप दिया कि उन्हें भी मनुष्य रूप में जन्म लेकर पत्नी वियोग सहना पड़ेगा और वानर उनकी सहायता करेंगे। आचार्य ने कहा कि यही श्राप आगे भगवान विष्णु के श्रीराम रूप में अवतार और वानर सेना की सहायता से माता सीता की खोज व रावण वध की लीला से जुड़ा।