बिलासपुर में कोलवाशरी दुर्घटना में मजदूर की मौत का मामला सामने आया है। परिजन मोर्चरी में शव को रखकर धरने पर बैठ गए। परिजनों की मांग है कि उन्हें 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और प्रतिमाह वेतन देने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर उन्होंने शव ले जाने से ही मना कर दिया।
दरअसल, कोनी थाना क्षेत्र के 42 वर्षीय शत्रुघ्न चौबे ने घुट्कु स्थित फील कोल में एक सप्ताह पहले ही बतौर फोरमैन जॉइनिंग की थी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम को वे 60 फुट की ऊंचाई पर केबल चेक कर रहे थे। इस दौरान किसी तरह का सुरक्षित उपकरण न होने से ऊंचाई से गिर पड़े। आनन फानन में प्लांट की गाड़ी से ही बिलासपुर स्थित श्री राम केयर अस्पताल ले जाया गया। जहां से सिम्स के लिए रेफर कर दिया गया।
सिम्स में पहुंचने पर शत्रुघ्न चौबे को मृत घोषित किया गया। मृतक के दो बेटे हैं, जिनकी उम्र क्रमश: 14 और 12 साल है। परिजन कविता मिश्रा ने कहा कि का इस दुर्घटना के बाद भी कंपनी का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा और न ही किसी तरह के मुआवजे का कोई भरोसा दिया है। जिसके बाद धरने पर बैठे परिजनों ने बिना मुआवजा शव ले जाने से ही मना कर दिया। बताया जा रहा है कि फील कोल उद्योगपति प्रवीण झा की कंपनी है। जिसमें सुरक्षा उपकरण इस्तेमाल न करने से श्रमिक की ऊंचाई से गिरकर मौत हो गई। जिसके बाद रिम्स में हंगामा मचा हुआ है।