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Bilaspur News: लोकगीत, लोकनृत्य से दिया बिलासपुर की संस्कृति का परिचय

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- स्थानीय कलाकारों ने किया लोगों का खूब मनोरंजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले में मंगलवार को लोकोत्सव के दूसरे दिन विभिन्न सांस्कृतिक दलों, महिला मंडल और एकल कलाकारों ने प्रस्तुति दी। कलाकारों ने पारंपरिक वेषभूषा में गिद्दा, धाजा और लोकनृत्य प्रस्तुत कर लोगों का खूब मनोरंजन किया। लोकोत्सव में दूसरे दिन उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मंच का संचालन निशांत ने किया। लोकगीत और लोकनृत्य के माध्यम से कलाकारों ने बिलासपुर की पुरानी संस्कृति को दिखाया। इसके अलावा नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किए। महिलाओं ने सोने देया घाघरुआ चल पानीए जो जाना ना, वार बसा ऊंचा सा बंदला हो, पार बसी धारा बडोली हो, खाना पीना नंद लेनी ओ गमरीए और घर आईजा मेरे साजना लोकगीतों पर गिद्दा प्रस्तुत किया। इसके बाद कलाकारों ने एकलगीत की प्रस्तुतियां दीं। झंडूता बैहरन से रमेश ने धाजा प्रस्तुत किया। इसके अलावा महिला मंडल जुरासी, क्रांति महिला मंडल पलासनिया, महिला मंडल कंज्योट, महिला मंडल कंदरौर, महिला मंडल नौणी, नव ज्योति महिला मंडल निहारखन बासला, महिला मंडल कंदारौर धार, राधे-राधे महिला मंडल पिपलुघाट मलांगन, महिला मंडल पंगा, महिला मंडल घंडीर और महिला मंडल कनौण ने प्रस्तुति दी। एकल कलाकारों में कमला, फुला देवी, प्यारी देवी, सीता राम, रीमा, पूजा, चिंता और सोनिका ने प्रस्तुति दी। उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने कलाकारों को बधाई दी। इस मौके पर जिला भाषा अधिकारी रैवती सैनी भी मौजूद रहीं।
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