मित्तिया में भागवत कथा को सुनते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के पहाड़ी क्षेत्र मित्तियां स्थित स्वयं प्रकट दुर्गा माता मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन महामंडलेश्वर स्वामी हरी चेतनानंद ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण की लीलाएं अद्भुत और अलौकिक हैं। पूतना वध का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने विषपान कराने आई पूतना को भी मुक्ति प्रदान की, जो उनकी दयालुता का प्रतीक है। उन्होंने कालिया नाग वध का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान ने यमुना को विषमुक्त करने के लिए कालिया नाग का उद्धार किया। स्वामी हरी चेतनानंद ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि नदियां प्रदूषित हो रही हैं और पेड़ कट रहे हैं, इसलिए हर व्यक्ति को कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वृक्ष लगाना ही नहीं, उन्हें बचाना भी उतना ही जरूरी है। कथा के दौरान गोवर्धन लीला का भी वर्णन किया गया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा सात वर्ष की आयु में गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाने की कथा सुनाई गई। इस अवसर पर गिरिराज महाराज की झांकी निकाली गई और छप्पन भोग का दर्शन कराया गया।