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Bilaspur News: उच्च स्कूल टकरेड़ा के छात्रों ने जीती वॉलीबाल की ट्रॉफी

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पाठशाला के छात्रों ने खंड स्तरीय प्रतियोगिता में किया कमाल
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-स्कूल में करीब डेढ़ साल से खाली चल रहा है पीईटी का पद

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय उच्च पाठशाला टकरेड़ा के छात्रों ने स्कूल में पीईटी नहीं होने के बावजूद वॉलीबाल की ट्रॉफी जीत ली। स्कूल के छात्रों ने खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। साथ ही स्कूल के चार छात्रों का चयन जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए भी हुआ है। स्कूल में करीब डेढ़ साल से पीईटी का पद खाली चल रहा है।
अंडर 14 छात्र वर्ग की खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं 10 अगस्त से 12 अगस्त तक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऋषिकेश में हुई। खेलकूद प्रतियोगिताओं में टकरेड़ा स्कूल के छात्रों ने वॉलीबाल में पहला और कुश्ती में दूसरा स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही स्कूल के चार छात्रों कार्तिक चंदेल, मोहित चंदेल, पराग और दिवेश का चयन जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है। बिना पीईटी की ट्रेनिंग के छात्रों ने खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर मिसाल पेश की है। बता दें कि स्कूल के पीईटी अप्रैल 2022 को सेवानिवृत्त हुए थे। तब से लेकर अब तक स्कूल में पीईटी का पद खाली चल रहा है। स्कूल में पीईटी न होने की वजह से स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या 69 ही है। पीईटी न होने के कारण छात्रों ने स्वयं ही खेलों की तैयारियां शुरू कर दीं। छात्रों ने गर्मियों की छुट्टियों में भी स्कूल आकर खेलों का अभ्यास किया। छात्रों की मेहनत रंग लाई और उन्होंने खेलकूद प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर स्कूल का नाम रोशन किया। छात्रों ने मांग की कि जल्द से जल्द स्कूल में पीईटी की नियुक्ति की जाए, ताकि वह जिला स्तरीय खेलों में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें।
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मुख्याध्यापिका मीना ठाकुर ने बताया कि स्कूल में पीईटी का पद करीब डेढ़ साल से खाली चल रहा है। स्कूल प्रशासन की ओर से इसके बारे में उच्च अधिकारियों और विधायक को कई बार अवगत करवाया गया है, लेकिन उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्कूल में पीईटी न होने के कारण स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी कम ही है। स्कूल प्रशासन की ओर से छात्रों की हर संभव सहायता की गई।
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कोट्स
सरकार की ओर से यह शर्त रखी गई है कि जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या 100 से कम है वहां पीईटी नियुक्त नहीं किए जाएंगे। स्कूल में अन्य विषय पढ़ाने वाले अध्यापक बच्चों को खेलों की तैयारी करवा सकते हैं।
- बीडी शर्मा, कार्यकारी उच्च शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर
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