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Bilaspur News: सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में अधिकारियों के समक्ष पहुंची 25 शिकायतें

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-मंत्री धर्माणी ने कसारू में की पहले कार्यक्रम की अध्यक्षता
-लोगों की समस्याएं सुनने के बाद अधिकारियों को दिए समाधान के आदेश
बोले,जनता व सरकार के बीच की दूरी को कम करने के मकसद से शुरू किया है कार्यक्रम

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर (घुमारवीं)। जनता की समस्याओं को घर द्वार सुलझाने व सरकार की विकासात्मक योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के मकसद से सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम की बिलासपुर में विधिवत शुरुआत हुई। घुमारवीं उपमंडल के तहत ग्राम पंचायत कसारु के गांव करयालग में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने की। कार्यक्रम में कुल 25 शिकायतें पहुंची।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनियां लगाई गई। मंत्री ने उनका निरीक्षण किया, जिसके बाद पौधरोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र लोगों द्वारा इन योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। कार्यक्रम में कुल 25 लोगों की सड़क सुविधा, बिजली व पानी की समस्या की शिकायत प्रशासन तक पहुंची। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा,जिनका मौके पर निपटारा किया गया। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि जनता व सरकार के बीच की दूरी को कम करने के मकसद से सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ जनता को मिले। उनकी अधिकतर समस्याओं का मौके पर निपटारा किया जा सके और अन्य समस्याओं का जल्द ही समाधान हो सके। देश व प्रदेश को आगे बढ़ाने व आत्मनिर्भर बनाने में तकनीकतंत्री की अहम भूमिका रहती है। इसे देखते हुए प्रदेश के युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे, ताकि औद्योगिक क्षेत्र में युवाओं को रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण के बाद ही मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना की घोषणा की थी। प्रदेश के अनाथ बच्चों और बेसहारा वर्ग के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना। आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए आपदा राहत पैकेज राहत नियमावली में बदलाव कर मुआवजे को बढ़ाया। प्रभावितों को 4500 करोड़ रुपये राहत पैकेज दिया। जिसमें पूर्ण क्षतिग्रस्त घरों के लिए सात लाख रुपये, मुफ्त रसोई गैस व राशन प्रदान किया गया। आपदा से प्रभावित परिवारों को शहरी क्षेत्र में मकान किराए पर लेने के लिए 10 हजार रुपये, ग्रामीण इलाकों में 5 हजार रुपये किराये पर मकान लेने के लिए दिया जा रहा है।
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मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया। इस कदम से प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारियों को सामाजिक आर्थिक सुरक्षा और आत्म सम्मान लौटाया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक, पुलिस अधीक्षक कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन व अतिरिक्त उपायुक्त डॉक्टर निधि पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के दौरान राजस्व विभाग की ओर से 75 विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किए गए। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य और आयुर्वेद विभाग ने 400 से अधिक रोगियों की स्वास्थ्य जांच कर दवाइयां वितरित की। कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों के माध्यम से लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं और रोड सेफ्टी के बारे में जागरूक किया गया।
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