- एक हेक्टेयर भूमि पर लगाए जाएंगे 11 से 12 बांस के अलग-अलग किस्म के पौधे
-पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से हो रहा है पर्यावरण में परिवर्तन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। बिलासपुर जनपद में 350 हेक्टेयर भूमि में इस साल 1.80 लाख पौधे रोपे जाएंगे। जिले के भौगोलिक दृष्टि को ध्यान में रखते हुए 1.40 लाख पौधे बड़े आकार के वृक्षों के रोपे जाएंगे। इसके अलावा घुमारवीं के पास एक हेक्टेयर भूमि पर 11 से 12 बांस के अलग-अलग किस्म के पौधे लगाए जाएंगे। प्रदेश सरकार में टीसीपी, आवास एवं तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने मंगलवार को बल्ली- चुवाड़ी में वन महोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना के बाद बांस और पीपल के पौधे लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से एक बड़ी समस्या सामने आ गई है। यह समस्या पेड़ों के अंधाधुंध कटाई के कारण पैदा हुई है। विकास की दौड़ में अधिक जंगल काटे जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप जलवायु परिवर्तन हो रहा है और इसका खामियाजा हर एक इंसान से लेकर पशु और पक्षियों तक को भुगतना पड़ रहा है। लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील करते हुए कहा कि अधिक पौधे लगाने से न केवल जलवायु परिवर्तन की समस्या से निजात मिल सकती है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए पेड़-पौधों का महत्व बहुत अधिक है। इस अवसर पर घुमारवीं उपमंडल अधिकारी गौरव चौधरी, एचपीएमसी अध्यक्ष सतपाल, नगर परिषद सदस्य कपिल शर्मा, दकड़ी पंचायत के उप प्रधान पवन जमवाल, पनौल के प्रधान धर्म पाल, वार्ड सदस्य श्याम लाल,शकुंतला देवी, श्याम कुमार कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजीव शर्मा, डीएफओ राजीव कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।