पंजाब में चल रहे घटनाक्रम के चलते मेले में नहीं पहुंच पा रहे थे श्रद्धालु
- पंजाब, दिल्ली, हरियाणा के पांच हजार श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई बिलासपुर। बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई में उत्तर भारत का सबसे लंबे चलने वाले चैत्र मेले में तीन दिन मंदी के बाद शुक्रवार शाम होते-होते श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई। पंजाब में चल रहे प्रकरण के चलते शाहतलाई में कम ही संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे, जिससे दुकानदारों में मायूसी थी।
शुक्रवार को श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होने से दुकानदारों के चेहरे पर रौनक वापस आ गई। दुकानदारों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी हो जाएगी। चैत्र मेले शुरू हुए दस दिन बीत चुके हैं। लेकिन शुक्रवार दोपहर तक श्रद्धालुओं की संख्या 40 हजार के आंकड़े को पार नहीं कर पाई थी। बाबा बालक नाथ जी की तपोस्थली शाहतलाई में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली सहित विदेशों से चैत्र मेलों में लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के दरबार में मुरादे मांगते हैं।
उधर मेला प्रभारी व झंडूता के नायब तहसीलदार जगदीश कुमार ने बताया कि बाबा बालक नाथ की तपोस्थली में चल रहे मेलों में अपेक्षा से कम श्रद्धालु आ रहे हैं। लेकिन शुक्रवार शाम से श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होनी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन का प्रयास है कि बाबा बालक नाथ जी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। इसी के चलते श्रद्धालुओं को बेहतर लंगर मंदिर न्यास द्वारा चलाया गया है। मेला क्षेत्र में स्नानागार ,शौचालयों, पेयजल, बिजली की उचित व्यवस्था की गई है। नगर पंचायत के सचिव खेमचंद वर्मा ने बताया कि नगर पंचायत सफाई व्यवस्था की उचित व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की गई है।