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Bilaspur News: एम्स बिलासपुर में अब और बेहतर होगी आंखों की सर्जरी सुविधा

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मोतियाबिंद समेत जटिल ऑपरेशन के लिए फेको मशीन के आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे
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मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में नेत्र रोगियों के लिए उपचार सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। संस्थान के नेत्र रोग विभाग ने आंखों की अत्याधुनिक सर्जरी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे आने वाले समय में मरीजों को बेहतर गुणवत्ता वाली नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। एम्स बिलासपुर में फेको इमल्सीफिकेशन मशीन के लिए आवश्यक कंज्यूमेबल्स और उपकरण खरीदे जाएंगे। इनमें सेंटूरियन ओजिल हैंडपीस, सेंटूरियन एक्टिव सेंट्री हैंडपीस, सेंटूरियन विजन सिस्टम के लिए एफएमएस विद इंट्रेपिड अल्ट्रा स्लीव्स, अल्ट्राविट एंटीरियर विट्रेक्टॉमी प्रोब, आई/ए हैंडपीस सहित अन्य आधुनिक सामग्री शामिल है। फेको इमल्सीफिकेशन तकनीक वर्तमान समय में मोतियाबिंद ऑपरेशन की सबसे आधुनिक तकनीकों में शामिल है। इसमें छोटे चीरे के माध्यम से आंख के धुंधले लेंस को हटाकर कृत्रिम लेंस लगाया जाता है। नई तकनीक और बेहतर उपकरण उपलब्ध होने से ऑपरेशन की प्रक्रिया को और सुरक्षित, सटीक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। एम्स जैसे अत्याधुनिक चिकित्सा संस्थान में इन उपकरणों की उपलब्धता से न केवल बिलासपुर बल्कि आसपास के जिलों के मरीजों को भी लाभ मिलने की संभावना है। इससे मरीजों को आंखों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत कम हो सकती है। एम्स बिलासपुर लगातार विभिन्न विभागों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। नेत्र रोग विभाग में अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को बेहतर उपचार, विशेषज्ञ सेवाएं और आधुनिक सर्जिकल सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी। फेको तकनीक में अल्ट्रासाउंड ऊर्जा की मदद से आंख के खराब लेंस को हटाया जाता है। इसमें छोटा चीरा लगता है और मरीज के जल्द स्वस्थ होने की संभावना रहती है। आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल से सर्जरी की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों में सुधार होता है।
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