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Exclusive News : सरकारी धन का हेरफेर करने वाले तलाई स्कूल के प्रधानाचार्य की नियमित जांच के आदेश

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बिलासपुर। खेल उपकरणों की खरीद-फरोख्त में सरकारी धन में हेरफेर करने वाले तलाई स्कूल के प्रधानाचार्य के खिलाफ विभाग ने नियमित जांच आचरण के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रधान सचिव शिक्षा देवेश कुमार ने जिला शिक्षा अधिकारी को मामले में जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
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साल 2020 में प्रधानाचार्य ने तलाई स्कूल के लिए खेल सामग्री की खरीद की थी। खरीद के बाद किसी अज्ञात व्यक्ति ने विजिलेंस को शिकायत दी कि खेल सामग्री की खरीद में सरकारी धन का हेरफेर हुआ है। मामले में शिक्षा विभाग ने जांच की तो प्रधानाचार्य दोषी पाए गए। इसके बाद विजिलेंस जांच में भी आरोप सिद्ध हुए और जांच एजेंसी ने फाइल शिक्षा विभाग को दी।
मार्च 2022 में विभागीय और विजिलेंस जांच में दोषी पाए जाने के बाद विभाग ने प्रधानाचार्य को चार्जशीट कर दिया। मगर यह चार्जशीट की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित रही। सरकारी धन के दुरुपयोग मामले में मई माह में आरोपी प्रधानाचार्य को प्रधान सचिव शिक्षा हिमाचल प्रदेश अनुशासनात्मक प्राधिकरण द्वारा चार्जशीट कर दिया गया। मगर इसके बाद भी प्रधानाचार्य से आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) की शक्तियां वापस नहीं ली गईं। जबकि प्रधानाचार्य के चार्जशीट होते ही यह वापस ली जानी चाहिए थी। इसमें सवाल अब विभाग के उच्चाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है। आखिर किस आधार पर कानून को ताक पर रखकर एक प्रधानाचार्य को वह सब शक्तियां दी जा रही है, जो चार्जशीट होने के बाद उसके पास नहीं होनी चाहिए थी।
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विभाग के निदेशालय से प्रधानाचार्य की नियमित जांच आचरण के आदेश जारी किए गए हैं। उन्हें साफ लिखा गया है कि प्रधानाचार्य को मुख्यालय शिमला सेअटैच किया गया है। लेकिन अब मंथन करने वाला विषय यह है कि जब प्रधानाचार्य का मुख्यालय शिमला है तो वह तलाई स्कूल में प्रधानाचार्य के पद पर किस आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। इतना ही नहीं डीडीओ की शक्तियां भी अभी तक उनके पास ही हैं।
उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर के उपनिदेशक राजकुमार ने कहा कि शिमला से प्रधानाचार्य की नियमित जांच आचरण के आदेश मिले थे। लेकिन मैंने ही इस मामले की प्रारंभिक जांच भर की है। इसी कारण अब इस जांच को करने के लिए किसी दूसरे अधिकारी को लगाना होगा। निदेशालय को पत्र भेज दिया गया है कि इस जांच के लिए किसी दूसरे अधिकारी को नियुक्त किया जाए।
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