फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों के लिए नहीं बनी स्थायी पॉलिसी : राज

Wed, 05 Jul 2023 11:57 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
बिलासपुर। राज्य स्वास्थ्य समिति (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) संघ के प्रेस सचिव एवं जिला महासचिव राज महाजन ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत लगभग दो हजार कर्मचारी पिछले 24 वर्ष से अनुबंध पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अकाउंटेंट, लैब तकनीशियन, डीपीसी, डीआरटीबी समन्वयक, आयुष चिकित्सक, फार्मासिस्ट, एएनएम, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, काउंसलर, एचवी, एसटीएस, एसटी एलएस, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंसल्टेंट, चालक सहित लगभग 54 कैटेगरी स्वास्थ्य विभाग में रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य कर रहे हैं। इसकी बदौलत विभाग राष्ट्रीय स्तर पर भी कई बार पुरस्कृत हो चुका है। बताया कि प्रतिनिधिमंडल चुनाव से पहले और चुनाव के बाद मुख्यमंत्री से अपनी नियमित की मांग रख चुका है। मुख्यमंत्री ने संघ को सरकार बनने के उपरांत तीन-चार माह में स्थायी पॉलिसी बनाने का वादा किया था। उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, सभी कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों से संघ अपनी मांग रख चुका है, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है, जिससे कर्मचारी बेहद हताश हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी और निजी क्षेत्रों में कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाता है, लेकिन एनएचएम के कर्मचारियों को रिटायरमेंट और नौकरी के दौरान किसी भी प्रकार का कोई वित्तीय लाभ नहीं दिया जाता है। सिर्फ एक लेटर देकर घर भेज दिया जाता है कि आपकी सेवाएं समाप्त हो गई हैं।उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में मंडी में दो चालक सेवानिवृत्त हुए। उन्हें मंडी जिले के कर्मचारियों ने राशि एकत्रित कर सहयोग राशि दी, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई भी लाभ नहीं दिया गया। मणिपुर सरकार ने एनएचएम के कर्मचारियों को नियमित कर दिया है और उनका सारा खर्च एनएचएम से ही अदा किया जाता है। सरकार पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सत्ता संभालते ही कठोर निर्णय ले रहे हैं। ओपीएस बहाल कर राष्ट्रीय स्तर पर भी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया है कि 15 अगस्त को स्थायी नीति की घोषणा करके लंबे अरसे से अनुबंध प्रथा का शिकार हुए इन कर्मचारियों को स्वतंत्र कर सही मायने में स्वतंत्रता दिवस मनाने का अवसर प्रदान करें। इस मौके पर रजनीश शर्मा, मनीष, पुष्पराज, डॉक्टर आस्था, भुवनेश्वरी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें