समिति ने की सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा की तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। आश्विन नवरात्रि में हर साल आयोजित की जाने वाली दुर्गा पूजा यानी शरद उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। उत्सव की तैयारियों को लेकर दुर्गा पूजा समिति की बैठक शहर के बाबा नाहर सिंह बजिया मंदिर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति की संस्थापिका डाॅ. मल्लिका नड्डा ने की।
बैठक में 15 अक्तूबर से शुरू होने वाले शरदोत्सव की रूपरेखा, मां दुर्गा की भव्य मूर्ति के स्वरूप और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। इससे पूर्व हिमाचल में भारी बारिश से त्रासदी में अपनी जान गंवा चुके प्रदेश के 400 से भी अधिक लोगों के आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रख प्रार्थना भी की गई। डॉ. मल्लिका नड्डा ने बैठक में बताया कि मां दुर्गा के महिषासुर मर्दिनी स्वरूप, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, भगवान गणेश व भगवान कार्तिकेय की भव्म मूर्तियों का निर्माण करने वाले कारीगर बंगाल से 28 सितंबर को बिलासपुर पहुंच जाएंगे। 30 सितंबर से मूर्तियों का निर्माण आरंभ हो जाएगा। दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान मां दुर्गा की प्रतिदिन की पूजा में ढोल बजाने वाले ढोलकी 15 अक्तूबर को कोलकाला-बंगाल से बिलासपुर पहुंचेंगे। वहीं, पुजारी सुधांशु महाराज भी 14 अक्तूबर को बिलासपुर पहुंच जाएंगे। शरदोत्सव के दौरान सभी 9 नवरात्रों में प्रतिदिन सुबह-शाम का भंडारा चलेगा और दशहरे पर महा भंडारे का आयोजन होगा। विजयादशमी पर दोपहर 2 बजे मां दुर्गा की मूर्तियों की भव्य शोभायात्रा शहर में निकाली जाएगी व फिर सूर्य डूबने से पहले इन मूर्तियों का गोबिंद सागर झील में मध्य विसर्जन किया जाएगा। बैठक में दुर्गा पूजा समिति के महासचिव प्रमोद शर्मा, कोषाध्यक्ष सतीश सोनी, नीना कौशल, सुनीता शर्मा, भावना, ओमप्रकाश गर्ग, सुरेंद्र पाल, एचबी कौशल, राजेंद्र शर्मा, कमलेंद्र गौतम, किरण शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।