बिलासपुर। भारी बारिश से जिले में कृषि विभाग को 1.1 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अधिकतर नुकसान सब्जी उत्पादन को हुआ है। विभाग की ओर से नुकसान की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। जिले में करीब 2000 हेक्टेयर भूमि पर सब्जियों का उत्पादन होता है। 32 हेक्टेयर भूमि पर नुकसान हुआ है। इसमें मुख्य रूप से बेल पर लगने वाली सब्जियां कद्दू, घीया, खीरा सहित टमाटर पर असर पड़ा है। सदर में आठ हेक्टेयर, स्वारघाट में छह, झंडूता में आठ और घुमारवीं में दस हेक्टेयर भूमि पर नुकसान हुआ है। हालांकि बारिश से भिंडी की फसल पर असर नहीं हुआ है। वहीं मक्की की फसल के नुकसान का आकलन विभाग की ओर से किया जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मक्की की फसल में पहले सुंडी रोग से नुकसान हुआ था। बारिश से कुछ हद तक रोग से निजात मिली है। भूमि कटाव के अलावा मक्की की फसल को इस बारिश से बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। विभाग ने इस बार 42,900 मीट्रिक टन सब्जियों के उत्पादन की उम्मीद जताई थी, लेकिन नुकसान के कारण कमी आएगी। वर्तमान में जिले में 30,000 हेक्टेयर भूमि पर किसान खेती कर रहे हैं। सब्जी मंडी में दाम बढ़ने का यह भी एक बड़ा कारण है कि बारिश से सब्जियों का उत्पादन प्रभावित हुआ है।
कोट्स
जिले में बारिश से सब्जियों के उत्पादन को नुकसान हुआ है। नुकसान का आकलन कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। विभाग की ओर से किसानों की हरसंभव सहायता की जा रही है। जिले में किसानों को यूरिया खाद उचित मात्रा में उपलब्ध करवाई जा रही है। विभाग के पास हर साल की तरह यूरिया खाद उसी मात्रा में उपलब्ध है। किसानों से आग्रह है कि 15 जुलाई तक धान और मक्की की फसल का बीमा करवा लें।
-डॉ. विनय कुमार सोनी, उपनिदेशक कृषि विभाग, बिलासपुर