नयना देवी के समीपवर्ती गांव बड़ोह में शराब का ठेका बंद करने के विरोध में गांव बड़ोह की महिलाओं के साथ-साथ मंगलवार को पुरुषों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद ग्रामीणों ने शराब के ठेके को बंद करवा दिया। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए ठेकेदार ने ठेका बंद करने में ही भलाई समझी। इसके बाद जाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
ग्रामीणों ने ठेकेदार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने दोबारा से ठेका खोला तो उसका ठेका जला दिया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी उसकी और प्रशासन की होगी।
उल्लेखनीय है कि बड़ोह में शराब का ठेका खुलने के बाद ग्रामीण इसके खिलाफ लामबंद हो गए हैं। सोमवार को भी सैकड़ों महिलाओं ने ठेका बंद करवाने को लेकर चक्का तक जाम करने के साथ धरना-प्रदर्शन किया था।
इसके बाद दूसरे दिन भी ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा। मंगलवार दोपहर को जब शराब के ठेके का नया ठेकेदार दुकान को खोलने आया तो उसी दौरान वहां पर गांव की महिलाओं के साथ-साथ पुरुष भी आ पहुंचे। गुस्साए ग्रामीणों ने ठेकेदार को ठेका बंद करने को कहा। इस पर ठेकेदार ने माहौल को भांपते हुए ठेका बंद कर दिया।
ठेका बंद करने के बाद वह वहां से किसी तरह से जान बचाकर भागा। महिलाओं और पुरुषों ने प्रशासन व सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर यहां पर दोबारा से ठेका खोला गया तो तोड़-फोड़ की जिम्मेवारी प्रशासन और सरकार की होगी।
यहां से दूर ले जाया जाए शराब का ठेका
महिला मंडल प्रधान रोशनी देवी ने कहा कि शराब का ठेका यहां से पांच किलोमीटर की दूरी पर ले जाया जाए ताकि नयना देवी माता के दर्शनों को आ रहे श्रद्धालुओं की श्रद्धा का अपमान ना हो।
उन्होंने कहा कि जबसे ठेका खुला हुआ है, तबसे युवाओं और बच्चों पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। रात-दिन शराबी शराब पीकर यहां पर हंगामा करते हैं। बात लड़ाई-झगड़े तक आ जाती है।
महिलाओं ने कड़े शब्दों में कहा कि किसी भी सूरत में ठेका नहीं खोलने दिया जाएगा। ठेकेदार ने कहा कि वह माल की गिनती करने आया था। मगर अब गांव के लोग ठेके को जला देने की बात कर रहे हैं, ऐसे में वह ठेका नहीं खोल सकता।