हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ जिला बिलासपुर की बैठक में रविवार को जमकर हंगामा हुआ। यही नहीं आपसी सहमति न बनने से अध्यापक संघ दोफाड़ हो गया। वहीं दोनों गुटों में अलग-अलग चुनाव करवाए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) घुमारवीं में आयोजित संघ के चुनाव में सदस्यों की सूची को लेकर जमकर हंगामा हुआ। चुनाव में जिला बिलासपुर के पांच ब्लॉक घुमारवीं-एक व दो, झंडूता, स्वारघाट और सदर के डेलीगेट्स पहुंचे। चुनाव माहौल सदस्यता सूची जारी होने के दौरान खराब होना शुरू हो गया था। घुमारवीं-एक, झंडूता और स्वारघाट के ब्लॉक के खंड प्रधानों ने घुमारवीं-दो और सदर के सदस्यों की संख्या पर आपत्ति जताई। लेकिन, आपत्ति को न मानने पर विरोध दर्ज करते हुए तीन ब्लॉक हाल से बाहर निकल गए। इसके बाद दोनों गुटों ने अपने-अपने पदाधिकारियों के चुनाव करवा दिए। पहले गुट में घुमारवीं-एक, झंडूता और स्वारघाट ब्लॉक शामिल हैं, जबकि दूसरे गुट में घुमारवीं-दो और सदर ब्लॉक हैं।
नरोत्तम को नियुक्त किया प्रधान
पहले गुट के चुनाव वरिष्ठ सदस्य राजपाल चंदेल की अध्यक्षता में करवाए गए। इसमें नरोत्तम धीमान को प्रधान नियुक्त किया गया। जबकि, गुरमेल सिंह को महासचिव और जोगिंद्र वर्मा को कोषाध्यक्ष बनाया गया। नवनिर्वाचित प्रधान नरोत्तम धीमान ने दूसरे गुट को असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने कहा कि उनके पास तीन ब्लॉकों का समर्थन है और दूसरे गुट के चुनाव संविधान के दायरे से बाहर हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सदर ब्लॉक के सदस्यों की संख्या 206 थी, जबकि अब वह 431 दर्ज की है। उसी तरह घुमारवीं-दो के सदस्यों की संख्या 203 से 331 दर्ज की गई है। खंड चुनावों के बाद किसी भी ब्लॉक में किसी भी सदस्य की नियुक्ति नहीं हो सकती है।
नहीं हुई है धांधली : संधू
दूसरे गुट के चुनाव जिला चुनाव अधिकारी पदम चौहान और सुनील वर्मा की अध्यक्षता में हुए। इसमें राकेश कुमार संधू को प्रधान और यशवीर रणौत को महासचिव नियुक्त किया गया। जबकि, शेष कार्यकारिणी के लिए प्रधान और महासचिव को अधिकृत किया गया। प्रधान राकेश कुमार संधू ने कहा कि पांच ब्लॉकों के डेलीगेट ने चुनाव प्रणाली में भाग लिया है। उन्होंने किसी भी धांधली से इंकार किया है।