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बेटी से दुराचार के दोषी को उम्र कैद

Fri, 03 Jun 2016 12:05 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
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court - फोटो : demo pics
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सत्र न्यायाधीश बिलासपुर बहादुर सिंह की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी पिता को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और पोस्को अधिनियम के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं। वहीं 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है। इस मामले में कोर्ट में 15 गवाह पेश किए गए।
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लोक अभियोजक सुनील अत्रि ने बताया की 1 जून 2015 को 16 वर्षीय नाबालिग घर पर अकेली थी, उसकी दादी खेतों में गई थी जहां पीड़िता की मां को भी उसने खेतों में बुला लिया। वहीं पीड़िता के भाई बहन को भी मिट्टी का तेल लाने के लिए बाजार भेज दिया और कमरे में टीवी और पंखे को ऑन किया और पीड़िता के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया।

इस बीच पीड़िता की माता घर वापस आ गई और उसने दोषी को पीड़िता के साथ दुष्कर्म करते देखा। उसने दोषी को डंडे के साथ पिटा और घटना के बारे में पीड़िता के मामा को बताया। बाद में घटना की जानकारी घुमारवीं थाना में दी गई। जहां भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 506, पॉस्को अधिनियम की धारा (6) के तहत मामला दर्ज किया गया।
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अदालत में आरोप सिद्ध होने पर आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत आजीवन कारावास और 10000 जुर्माने की सजा सुनाई जबकि भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत 6 माह के कारावास और 1000 जुर्माने की सजा सुनाई जबकि पॉस्को अधिनियम की धारा 6 के तहत भी अदालत में आरोपी को आजीवन कारावास और 10000 जुर्माने की सजा सुनाई सभी सजाएं सुनाई हैं। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अदालत ने जुर्माने की राशि में से 15000 पीड़िता को देने के आदेश दिए।
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