सत्र न्यायाधीश बिलासपुर बहादुर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी अध्यापक को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 354 व पोस्को अधिनियम की धारा 10 के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जिला लोक अभियोजक सुनील अत्री ने बताया कि वर्ष 2013 को आरोपी प्रभात सिंह पुत्र हंसराज निवासी कोलापुर तहसील आनंदपुर साहब जिला रोपड़ पंजाब जिला बिलासपुर के कोट कहलूर थाना के अंतर्गत एक मिडल स्कूल में अध्यापक के तौर पर कार्यरत था। वह नाबालिग छात्राओं को अपने कमरे में कॉपी चेक करने के बहाने बुलाता था। 8 मई, 2013 को दोषी ने एक नाबालिग छात्रा को कमरे में बुलाया और उसके साथ छेड़छाड़ की। छात्रा ने बाहर आकर घटना की जानकारी अन्य छात्राओं को दी। घर जाकर छात्रा ने घटना के बारे में परिजनों को बताया। इसके बाद कोट कहलूर थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। अभियोजन पक्ष ने मामले में कुल 14 गवाह पेश किए।
शुक्रवार को अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास और 5000 रुपये जुर्माना, जबकि पोस्को अधिनियम की धारा 10 के तहत दोषी को 5 वर्ष के कठोर कारावास और 10000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी को जुर्माना अदा ने करने की स्थिति में क्रमश: दो और छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अदालत ने जुर्माने की राशि में से 10000 रुपये पीड़िता को बतौर हर्जाना देने के लिए आदेश भी दिए हैं।