उपमंडल की कुठेड़ा पंचायत में पेड़ों की कांट-छांट करते समय करंट लगने के बाद पेड़ से गिरकर हुई बिजली बोर्ड के कर्मचारी की मौत के मामले में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि हादसा बिजली बोर्ड की लापरवाही के कारण हुआ है। मृतक के बेटे के बयान पर पुलिस ने भादंसं की धारा 336, 304ए और 34 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। खबर की पुष्टि एसपी बिलासपुर राहुल नाथ ने की है। पुलिस को दिए बयान में मृतक के बेटे ने कहा कि बिजली बोर्ड लापरवाही न करता तो उसके पिता की मौत नहीं होती।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को उपमंडल की कुठेड़ा पंचायत में पेड़ों की काटछांट का काम चला हुआ था। इसी दौरान दोपहर तीन बजे के करीब विद्युत विभाग ट्रांसमिशन डिवीजन हमीरपुर में कार्यरत कर्मचारी कुठेड़ा के समीप 132केवी लाइन के आसपास पेड़ों की कांट-छांट कर रहे थे। इसी दौरान कर्मचारी नंद लाल निवासी टिक्कर जिला मंडी को अचानक करंट लग गया और वह पेड़ से गिर गया। अन्य कर्मचारियों ने उसे गंभीर अवस्था में सिविल अस्पताल घुमारवीं पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बिजली बोर्ड का कहना था कि वह पेड़ से गिरने के कारण मरा है। लेकिन, पुलिस ने अपनी जांच में पाया की कर्मचारी की मौत बिजली का करंट लगने से हुई है। एसपी राहुन नाथ ने बताया कि पुलिस जांच में बिजली बोर्ड की लापरवाही सामने आई है। इसके आधार पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में जुटी है कि हादसे के दौरान किसी अधिकारी की जिम्मेवारी बनती थी।