बिलासपुर। बिलासपुर के कोठीपुरा में हुए अवैध कटान मामले की जांच कर रहे सदर आरओ नितीश कुमार का तबादला सरकार ने कर दिया। सरकार की ओर से अब इस अधिकारी के बदले हमीरपुर के एक अधिकारी को बिलासपुर भेजने के आदेश हुए हैं।
बताया जा रहा है कि उक्त अधिकारी खैर कटान मामले में आरोपियों पर कार्रवाई में सक्रिय रहे जिस कारण सत्ता परिवर्तन के बाद से उक्त अधिकारी कई रसूखदारों की आंखों में चुभ रहा था। जानकारी के अनुसार उक्त अधिकारी ने खैर कटान मामले में मौके पर जाकर 738 खैर के पेड़ बरामद किए थे। साथ ही उन्होंने इस मामले से जुड़े 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
विभाग के सूत्रों की मानें तो उक्त अधिकारी पर काफी समय से इस मामले को रफादफा करने के लिए राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था। इसके चलते कुछ समय पहले अधिकारी का तबादला सोलन जिला में कर दिया था। उसके बाद तुरंत एक माह के भीतर अधिकारी का तबादला शिमला के लिए कर दिया है ताकि इस मामले की जांच आगे न बढ़ सके।
उल्लेखनीय है कि वन विभाग के आरओ नितीश कुमार एक ऐसे अधिकारी रहे हैं जिन्होंने बिलासपुर शहर में पहली बार पंसारियों के दुकानों में छापेमारी भी की थी, जहां पर उन्होंने मौके पर दुकानों में बेचे जा रहे हाथी दांत बुरा व अन्य अवैध जड़ी बुटियों को बरामद भी किया था। वहां पर भी इस अधिकारी के साथ वन विभाग का कोई बड़ा अधिकारी मौजूद नहीं था। इस मामले पर भी अधिकारी पर राजनीतिक दबाव डाला जा रहा था।
एक माह पहले अधिकारी ने सदर के जुब्बल गांव में भी दबिश दी थी, जहां मौके पर अधिकारी ने 7.85 क्विंटल अवैध कत्था बरामद किया जिसका दाम बाजार में 40 लाख से अधिक था। उक्त सब रसूखदारों को रास नहीं आ रहा था।
इनसेट...
नयना देवी के अधिकारी का भी कर दिया था तबादला
नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र में हुए अवैध खैर कटान मामले में भी कुछ माह पहले जांच अधिकारी का तबादला कर दिया था। इस मामले में अधिकारी ने दिन रात एक करके नयना देवी क्षेत्र में कटे खैर पेड़ों की गणना की थी। साथ ही इस मामले से जुड़े कई लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई थी। बताया जा रहा है कि इस अधिकारी पर भी राजनीतिक दबाव था।