बिलासपुर शहर में कई इमारतें पूरी की पूरी हैं अवैध
नगर परिषद भी नहीं ले रहा कब्जाधारियों से हाउस टैक्स
80 प्रतिशत के करीब लोग जमा करवा चुके हैं हाउस टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद भी प्रशासन अभी तक बड़ी इमारतों को नहीं हटा पाया है। जबकि उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने कुछ समय पहले कहा था कि जल्द ही वह पहले बड़ी मछलियों के अवैध कब्जे हटाएंगे, उसके बाद छोटे कब्जाधारियों को हटाया जाएगा। हालांकि अभी तक कोई भी ऐसा बड़ा अवैध कब्जा शहर से नहीं हटाया गया है जिससे ऐसा लग सके की प्रशासन अवैध कब्जों को हटाने के लिए सजग है।
बिलासपुर शहर में 11 वार्ड हैं। तीन हजार से ज्यादा लोग गृहकर के दायरे में आते हैं। इसके बाद एक निजी कंपनी से शहर केे सभी वार्डों के घरों का सर्वेक्षण किया था जिसके बाद नगर परिषद ने हाउस टैक्स तय किया था लेकिन यह बात भी सामने आई कि यहां पर कई इमारतें पूरी की पूरी ही अवैध हैं। यह इमारतें दो से तीन मंजिला तक बन चुकी हैं, जबकि कई ऐसे भी घर हैं, जिन्होंने सरकारी नियमों को अनदेखा करते हुए कब्जे किए हैैं। सभी कब्जे अवैध रूप से किए गए हैं जिन्हें हटाया जाना है। कइयों ने 150 वर्ग मीटर से ज्यादा कब्जा किया है जिनमें रास्तों, सड़कों, नालियों व नालों पर लोगों ने कब्जे कर रखे हैं। इस समय करीब 80 फीसदी लोगों ने सर्वे के आधार पर निर्धारित टैक्स नगर परिषद को दे दिया है।
इस बारे में नगर परिषद बिलासपुर के कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर का कहना है कि शहर में चिन्हित अवैध कब्जाधारियों से हाउस टैक्स नहीं लिया जा रहा है। कब्जाधारियों के केस की सर्वेक्षण करवाकर तय टैक्स की वसूली को लेकर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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हाउस टैक्स न देने पर कुर्क हो सकती है प्रॉपर्टी
हाउस टैक्स जमा न करवाने में रुचि न दिखाने पर नगर परिषद संबंधित लोगों की प्रॉपर्टी भी कुर्क हो सकती है, लेकिन इससे पहले लोगों को नोटिस जारी करना होगा। उसके बाद न मानने पर फिर भू-राजस्व के रूप में वसूली करने का प्रावधान है। मनमानी करने वालों की बिजली व पानी के कनेक्शन काटने का भी प्रावधान है।
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अवैध इमारतों को कैसे मिले बिजली और पानी के कनेक्शन?
बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार पूरी की पूरी अवैध इमारतों को कैसे बिजली व पानी के कनेक्शन मिल गए। कैसे पूरी की पूरी अवैध इमारतों में दो से तीन बिजली के मीटर लगे हैं। जबकि इमारत में पानी के कनेक्शन भी लगे हुए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है जब नगर परिषद कई इमारतों को पूरी की पूरी अवैध बता चुुका है तो कैसे इन्हें बिजली व पानी के कनेक्शन मिल गए। जबकि ज्यादातर अवैध इमारतें रसूखदारों की हैं।
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...खेमराज शर्मा।