बिलासपुर (रामपुर)। भैया दूज के दिन फांसी पर लटकी महिला उषा देवी की मौत के मामले में पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज की है। महिला की हत्या की वजह प्लाट न बेचने की वजह से की गई थी।
ज्ञात हो कि नौ नबंवर को कोतवाली के ग्राम पिपलिया गोपाल निवासी पातीराम की पत्नी उषा देवी की फांसी पर लटकने की बजह से मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने बताया था कि उषा का अपने पति से मायके भैया दूज पर जाने को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद मारपीट भी हुई थी। इसके बाद पातीराम घर से बाहर चला गया था। इस दौरान कमरे में बंद होकर उषा ने पंखे पर झूलकर आत्महत्या करने के उद्देश्य से फांसी लगा ली थी। महिला की मौत के बाद उसके दोनों पुत्रों आकाश व विकास ने लोगों की मदद से अपनी मां को पंखे से गंभीर हालत में उतारा था। इसके बाद वह नगर व रुद्रपुर के अस्पताल भी उपचार के लिए ले गए थे, जहां उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने शव पोसटमार्टम को भेज दिया था। चिकित्सकों के पैनल ने महिला के शव का पोस्टमार्टम किया था। पीएम रिपोर्ट में महिला की मौत लटकने की बजह से होना आया था।कोतवाली प्रभारी गौरव सिंह यादव ने बताया कि मृतका के भाई कमल कुमार पुत्र सोमपाल निवासी अजीतपुर खेड़ा ने रिपोर्ट लिखाई है कि उसकी बहन की शादी पहले मुरादाबाद के ग्राम देहरी निवासी हरचंद्र से हुई थी। हरचंद्र की मौत के बाद उषा की शादी पातीराम से कर दी गई थी। उषा के नाम पर मुरादाबाद में एक प्लाट था। आरोप है कि पातीराम, सोमपाल, सुरेंद्र, राजपाल, खिल्लो देवी उक्त प्लाट को बेचने का दबाव उषा पर बना रहे थे। प्लाट न बेेचने पर उसको फांसी पर लटकाकर मार डाला। पुलिस ने पांचों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 बी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।