बिलासपुर में मादक पदार्थों के व्यापार को रोकने के लिए एसटीएफ टीम के लगाए गए नाके में पुलिस ने भैंसों से भरी एक जीप पकड़ी है। जीप के अंदर चार भैंसे और तीन कटड़े ठूंस-ठूंस कर भरे हुए थे। पुलिस ने बामटा के पास लगाए नाके में देर रात एक बजे इस जीप को पकड़ा है। जीप में दो लोग सवार थे, दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नशे का व्यापार करने वालों के खिलाफ बामटा में नाका लगा रखा था। इसी दौरान उन्हें चांदपुर की ओर से पिकअप जीप आती हुई दिखाई दी, जिसे टीम ने चेकिंग के लिए रोका। जीप में तिरपाल चढ़े हुए थे। रात करीब एक बजे का समय था, जब टीम के सदस्यों ने जीप की तलाशी ली तो उसके अंदर चार भैंसे और तीन छोटे कटड़े ठूंस-ठूंस कर भरे हुए थे। बच्चों को इस कदर इतनी बेरहमी से ढका हुआ था कि उनके मुंह से खून निकल रहा था। भैंसें भी एक-दूसरे के ऊपर चढ़ी हुई थीं। पूछने पर व्यापारी ने अपना नाम संदीप मोहम्मद पिता का नाम सुक्कूराम गांव जमशेद डाकघर सरकाघाट जिला (मंडी), चालक का नाम रविंद्र पुत्र शालिग्राम गांव खेतड़ी तहसील सरकाघाट जिला मंडी बताया। दोनों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। स्पेशल टास्क फोर्स के हेड कांस्टेबल संजीव पुंडीर, आरक्षी बाबूराम, चंचल, बलवीर एचएससी केवल किशोर सिंह ने आईटीआई के पास बामटा रोड पर चरस तस्करों को पकड़ने के लिए नाका लगा रखा था। सदर थाना हेड कांस्टेबल रतन सिंह ने पशु क्रूरता अधिनियम 11 डी के तहत मुकदमा दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।