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पीओ सेल ने तीन वर्षों से भगौड़ा धरा

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अमर उजाला ब्यूरो
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बिलासपुर।
पीओ सेल बिलासपुर की टीम ने तीन साल से फरार चल रहे भगौड़े को पकड़ने में सफलता हासिल की है। आरोपी वर्ष 2006 में छड़ोल के पास हुए सड़क हादसे के मामले में फरार चल रहा था। इस हादसे में एक शख्स की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य युवती गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इसके बाद मामला कोर्ट में चल रहा था। मगर आरोपी बार-बार कोर्ट के समन दिए जाने के बाद भी अदालत के समक्ष पेश नहीं हो रहा था। इसके बाद कोर्ट ने वर्ष 2014 में उसे भगौड़ा घोषित कर दिया। पीओ सेल बिलासपुर की टीम ने इसे गुप्त सूचना के आधार पर लुधियाना से पकड़ने में सफलता हासिल की है। जानकारी के अनुसार 26-5-2006 में छड़ोल के पास स्वारघाट की ओर से आ रहे ट्रक ने कार को टक्कर मार दी थी। इससे कार चला रहे बलजीत मेहता की मौत हो गई थी। जबकि उनके साथ बैठी युवती नेहा शर्मा घायल हो गई थी। हादसे के बाद ट्रक परिचालक साइड से पलट गया था। इसमें ट्रक चालक सुरजीत सिंह (44) पुत्र तुलसी राज हमीरपुर की गलती पाई गई थी। हादसा तेजरफ्तार से ट्रक चलाने के कारण हुआ था। इस पर पुलिस ने सुरजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसकी सुनवाई सीजेएम कोर्ट बिलासपुर में हुई। मगर कोर्ट से बार-बार सुरजीत सिंह को पेशी के लिए समन जा रहे थे। मगर वह समन मिलने के बावजूद भी पेशी में नहीं आ रहा था। इसके बाद 25-11-2014 को अदालत ने सुरजीत को भगौड़ा घोषित कर दिया। इसके बाद पीओ सेल बिलासपुर की टीम को इसे पकड़ने की जिम्मेवारी सौंपी गई। टीम ने इसकी तलाश में हमीरपुर, रामपुर, शिमला ,बिलासपुर, पंजाब और हरियाणा सहित अन्य जगहों पर दबिश दी। मगर उसका कहीं कोई पता नहीं चल रहा था। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए सुरजीत सिंह गुजरात और गुवाहटी में ट्रक चलता रहा। इसके बाद में पुलिस को उसकी मोबाइल लोकेशन और गुप्तचरों से सुराग मिले की वह लुधियाना में है। इसकी सूचना मिलते ही टीम ने लुधियाना में दबिश दी। यहां से सुरजीत को हिरासत में लेकर सदर थाना के हवाले कर दिया गया है। एसपी बिलासपुर अंजुम आरा ने बताया कि पीओ टीम ने भगौड़े को पकड़ने में सफलता हासिल की है। छह अक्तूबर को इसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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